जालंधर की रैली में अमित शाह का AAP पर हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पंजाब के जालंधर स्थित परागपुर गांव में भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर नशे की समस्या को लेकर निशाना साधा और भाजपा को सत्ता में लाने की अपील की।
शाह ने कहा कि पंजाब में नशे के कारोबार को खत्म करना भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार के कार्यकाल में राज्य में नशे की समस्या बढ़ी है। यह शाह का राजनीतिक आरोप है; रैली में इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत आंकड़ा प्रस्तुत किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में नहीं है।
‘दिल्ली शराब घोटाले वाले पंजाब को नशामुक्त नहीं कर सकते’
अपने भाषण में अमित शाह ने दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए AAP पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जो दिल्ली में शराब घोटाले में पकड़े गए हों, क्या वो पंजाब को नशा मुक्त कर सकते हैं?” इसके बाद उन्होंने लोगों से भाजपा को पांच साल का मौका देने की अपील की।
शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पंजाब की जनता दोनों दलों को मौका दे चुकी है। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व में राज्य को नशामुक्त बनाने का वादा किया।
31 दिसंबर 2029 तक ‘चिट्टा मुक्त पंजाब’ का वादा
अमित शाह ने रैली में कहा कि यदि पंजाब की जनता भाजपा को समर्थन देती है, तो पार्टी 31 दिसंबर 2029 से पहले राज्य को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की बिक्री रोकने के साथ-साथ दूसरे राज्यों में इसकी सप्लाई भी बंद करने की कोशिश की जाएगी।
शाह ने इसे केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं और परिवारों से जुड़ा अभियान बताया। उन्होंने नशे की लत से प्रभावित परिवारों से मुलाकात का भी जिक्र किया।
भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ क्या थी?
भाजपा की यह यात्रा पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंची। रिपोर्टों के अनुसार, यात्रा की शुरुआत पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, तलवंडी साबो और फाजिल्का सहित अलग-अलग स्थानों से हुई थी। समापन रैली में शाह ने इसे राज्य में नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान बताया।
2027 विधानसभा चुनाव में नशा बनेगा भाजपा का प्रमुख मुद्दा
शाह ने कहा कि पंजाब में खेती, उद्योग, कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा जैसे कई मुद्दे हैं, लेकिन भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में नशामुक्त पंजाब को प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाएगी।
उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने पहले भी सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़ी चुनौतियों पर काम किया है और अब पंजाब को नशे से मुक्त कराने की बारी है।
राजनीतिक आरोपों और वादे के बीच क्या समझना जरूरी है?
अमित शाह के बयान में AAP सरकार पर नशे की समस्या को लेकर आरोप और भाजपा के सत्ता में आने पर उसे खत्म करने का वादा शामिल है। 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा भाजपा की राजनीतिक प्रतिबद्धता है, न कि नशे के कारोबार के समाप्त होने की कोई मौजूदा या स्वतंत्र रूप से प्रमाणित स्थिति।
निष्कर्ष:
जालंधर में अमित शाह ने AAP पर पंजाब में नशे की समस्या को लेकर हमला बोला और दिल्ली आबकारी नीति मामले का हवाला देते हुए पार्टी की नशामुक्ति नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा को समर्थन मिलने पर 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का वादा किया। यह मुद्दा भाजपा के 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा रहेगा।