बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी विनोद कुमार ने घटना की आंखों-देखी बताते हुए कहा कि वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। उनके मुताबिक, गेट के पास बांस की बैरिकेडिंग लगी थी और करीब 100 लोग बाहर से जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। इससे वहां अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया।

चश्मदीद के अनुसार, कुछ देर बाद एक पोल गिर गया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। महिला श्रद्धालुओं के प्रवेश वाले हिस्से में भी काफी भीड़ होने की बात सामने आई है।

वहीं, प्रशासन के मुताबिक सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच दो ट्रेनों के आने से श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई। जिला प्रशासन का कहना है कि भीड़ का दबाव बढ़ने के बाद एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग गिरने लगे।

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की परिस्थितियों और भगदड़ की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है।

अशोकधाम की यह घटना धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।