एशियाड में भारत की गोल्ड मेडल की दहाई
जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार, 30 सितंबर को तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार स्वर्ण पदक जीतकर देश की पदक तालिका को मजबूती दी। भारत ने कुल 10 गोल्ड मेडल के आंकड़े तक पहुंचकर मेडल टैली में सातवां स्थान हासिल किया। उपलब्ध अपडेट के अनुसार भारत के खाते में 10 स्वर्ण, 21 रजत और 28 कांस्य सहित कुल 59 पदक थे।
तीरंदाजी में भारत का दबदबा
भारतीय तीरंदाजों ने कंपाउंड इवेंट्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया। महिला कंपाउंड टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और प्रथिका प्रदीप ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने इस मुकाबले में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की।
इसके बाद कंपाउंड मिक्स्ड टीम में साहिल राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी ने दक्षिण कोरिया की जोड़ी को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड जीता। मुकाबला 157-157 से बराबर रहने के बाद भारतीय जोड़ी ने शूट-ऑफ में 10-10 का शानदार स्कोर बनाया। इस जीत के साथ दोनों ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए भारत के कोटा स्थान भी हासिल किए।
पुरुष कंपाउंड टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम ने स्वर्ण पदक जीतकर तीरंदाजी में भारत की स्वर्णिम उपलब्धियों में एक और इजाफा किया।
शूटिंग में भी भारतीय निशानेबाजों की सफलता
शूटिंग में भारत ने प्रतियोगिता के दौरान महत्वपूर्ण स्वर्ण पदक हासिल किए। इससे पहले 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत ने स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ा था।
मेडल टैली में ईरान से आगे भारत
मेडल टैली में भारत सातवें स्थान पर पहुंचा, जबकि ईरान आठवें स्थान पर रहा। भारत के 10 स्वर्ण, 21 रजत और 28 कांस्य पदक थे, जबकि ईरान के खाते में 10 स्वर्ण, 16 रजत और 11 कांस्य पदक दर्ज थे। दोनों देशों के स्वर्ण पदक बराबर होने के बावजूद कुल पदकों की संख्या के आधार पर भारत आगे रहा।
भारत के लिए आगे भी पदक के मौके
एशियन गेम्स 2026 में प्रतियोगिताएं 4 अक्टूबर तक जारी रहेंगी। तीरंदाजी, शूटिंग, कुश्ती, मुक्केबाजी और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक जीतने के और अवसर हैं। भारत का प्रदर्शन आने वाले दिनों में मेडल टैली में उसकी स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
निष्कर्ष:
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों की सफलता और शूटिंग में मिले स्वर्ण पदकों ने भारत की पदक तालिका को मजबूत किया है। 10 गोल्ड और कुल 59 पदकों के साथ भारत सातवें स्थान पर रहा और कुल पदकों के आधार पर ईरान से आगे निकल गया।