30 लाख दीयों से रोशन हुई रामनगरी

अयोध्या: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या शनिवार, 7 नवंबर 2026 को दसवें दीपोत्सव के अवसर पर लाखों दीयों की रोशनी से जगमगा उठी। सरयू नदी के किनारे राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर करीब 30 लाख मिट्टी के दीये जलाए गए।

दीपों की रोशनी से सरयू तट का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई दिया। घाटों पर एक साथ जलते दीयों ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। इस आयोजन में हजारों स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। करीब 35 हजार विद्यार्थियों ने दीये सजाने और आयोजन की तैयारियों में योगदान दिया।


उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम योगी रहे मौजूद

दीपोत्सव के मुख्य समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

उपराष्ट्रपति ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया और भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम और माता जानकी की आरती उतारी।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और संत-महात्मा भी उपस्थित रहे।


2,100 ड्रोन ने आसमान में दिखाई रामायण

इस साल दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण 2,100 स्वदेशी ड्रोन का शो रहा। ड्रोन की मदद से आसमान में भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को दिखाया गया।

ड्रोन से बनाई गई आकृतियों में रामायण के प्रमुख पात्रों और घटनाओं को दर्शाया गया। आसमान में एक साथ तालमेल के साथ उड़ते ड्रोन ने दर्शकों को आकर्षित किया।

इसके साथ ही लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए रामायण की कथा को रोशनी और दृश्य प्रभावों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।


आतिशबाजी ने बढ़ाई समारोह की रौनक

दीपोत्सव के दौरान रंग-बिरंगी आतिशबाजी और म्यूजिकल फायरवर्क्स का भी आयोजन किया गया। रोशनी से सजे घाटों और आसमान में चमकती आतिशबाजी ने उत्सव को और भव्य बना दिया।

राम की पैड़ी और आसपास के प्रमुख स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक मौजूद रहे। लोगों ने दीपोत्सव के दृश्य अपने मोबाइल कैमरों में कैद किए।


रामकथा पार्क में हुआ भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक

रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने का प्रतीकात्मक मंचन किया गया। पुष्पक विमान के रूप में सजाए गए हेलीकॉप्टर से श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के आगमन का दृश्य प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद उनका स्वागत किया गया और प्रतीकात्मक राज्याभिषेक हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश-विदेश के कलाकारों ने रामलीला और पारंपरिक नृत्य-संगीत की प्रस्तुतियां दीं।


2,500 कलाकारों ने 12 मंचों पर दी प्रस्तुति

इस बार दीपोत्सव में भारत और विदेशों के करीब 2,500 कलाकारों ने 12 मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों ने भी रामलीला की प्रस्तुतियां दीं।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों की लोककलाओं, पारंपरिक नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया।


दस साल में दीपोत्सव का बदला स्वरूप

अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। पहले आयोजन में करीब 1.71 लाख दीये जलाए गए थे। इसके बाद हर साल आयोजन का दायरा बढ़ता गया।

वर्ष 2025 में 26.17 लाख दीये जलाए गए थे। इस साल 30 लाख से अधिक दीयों का लक्ष्य रखा गया और 56 घाटों पर भव्य आयोजन किया गया।


योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह को संबोधित करते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन और राम मंदिर निर्माण के लिए कारसेवकों तथा संतों के योगदान को याद किया।

उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान फिर से विश्वभर में स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों और राम मंदिर निर्माण का भी उल्लेख किया।

निष्कर्ष: अयोध्या का दसवां दीपोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक का भव्य संगम बना। 30 लाख दीयों, 2,100 ड्रोन, लेजर शो और आतिशबाजी ने रामनगरी को रोशनी से भर दिया। इस आयोजन में देश-विदेश से आए कलाकारों और श्रद्धालुओं ने भी हिस्सा लिया।