40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित चोरी के मामले में पुलिस जांच अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के खिलाफ करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार की और 23 सितंबर को एंटी करप्शन कोर्ट में दाखिल कर दी।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। चार्जशीट में जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और आरोपों का विवरण शामिल किया गया है।
चार्जशीट दाखिल करने पहुंचे अधिकारी, वकीलों ने किया विरोध
चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस विवेचक और अयोध्या के क्षेत्राधिकारी एंटी करप्शन कोर्ट पहुंचे। इसी दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
अधिवक्ताओं की मुख्य मांग थी कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले उन्हें इसे दिखाया जाए और इसकी जानकारी दी जाए।
बार एसोसिएशन का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें पारदर्शिता जरूरी है। विरोध के बाद अधिवक्ताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए बैठक भी बुलाई।
सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है सुनवाई
यह मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 21 सितंबर को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया था कि दो दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
सरकार की ओर से यह समयसीमा इसलिए भी बताई गई थी क्योंकि मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही थी।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर चार याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं।
बार एसोसिएशन पहले से कर रहा है विरोध
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अयोध्या बार एसोसिएशन पहले से ही आंदोलन कर रहा है।
जून में एसोसिएशन ने एक बैठक के बाद फैसला किया था कि उसके सदस्य इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ेंगे। बाद में जुलाई में वकीलों ने कुछ ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को शिकायत भी दी थी।
सितंबर में भी कई अधिवक्ताओं ने मामले की जांच को लेकर अपने बयान और शपथपत्र जांच अधिकारियों को सौंपे थे। बार की ओर से कुछ लोगों को बचाने का आरोप भी लगाया गया है, हालांकि ये बार एसोसिएशन की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिन्हें जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।
असल विवाद क्या है?
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद सामने आने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई। मामले में गिरफ्तारियां हुईं और अब पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
वहीं, कुछ अधिवक्ता और शिकायतकर्ता जांच के दायरे और इसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी वजह से मामले में पुलिस की चार्जशीट, आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्य और जांच के दायरे पर आगे कानूनी बहस होने की संभावना है।
अब आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत उसके आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप और पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों की जांच अदालत में होगी।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट में चल रही याचिकाओं पर भी सुनवाई जारी रहेगी। इसलिए फिलहाल चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
निष्कर्ष
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है, लेकिन इसके दाखिल होते ही विवाद और बढ़ गया।
बार एसोसिएशन ने चार्जशीट की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि “पहले हमें चार्जशीट दिखाएं।” अब मामले में पुलिस के आरोप, चार्जशीट में पेश साक्ष्य और अदालत की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।