बिहार में कई नदियों का जलस्तर बढ़ा

बिहार के कई जिलों में नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बिहार सरकार के बाढ़ पूर्वानुमान पोर्टल के 28 सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, गंडक, कोसी, गंगा, कमला-बलान, बागमती और अन्य नदियों के कई निगरानी केंद्रों पर पानी चेतावनी स्तर या खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया।

गोपालगंज के डुमरियाघाट, सुपौल के बीरपुर, खगड़िया के बलतारा, मधुबनी के झंझारपुर और पश्चिम चंपारण के बगहा जैसे केंद्रों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था। पटना के गांधीघाट और हथिदह में गंगा का पानी चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 16 सितंबर को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया था। दोनों नेताओं ने पटना जिले के मनेर और सारण के दिघवारा क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड की तेरसिया और सरायपुर पंचायतों में बाढ़ की स्थिति और फसल क्षति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रभावित क्षेत्रों में नावों के परिचालन की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने और राहत कार्यों की निगरानी पर जोर दिया।

राहत और बचाव कार्यों पर प्रशासन की नजर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के साथ तटबंधों की निगरानी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने, राहत शिविरों की व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र की 27 सितंबर को जारी उप-विभागीय चेतावनी में बिहार के लिए 28 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बताई गई थी। इस पूर्वानुमान में 29 सितंबर से 3 अक्टूबर तक राज्य के लिए कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं थी।

हालांकि, नदी का जलस्तर केवल स्थानीय बारिश पर निर्भर नहीं करता। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा, नदी में आने वाला पानी और तटबंधों की स्थिति भी बाढ़ की परिस्थितियों को प्रभावित कर सकती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय निर्देशों का पालन करना चाहिए। बाढ़ के पानी में उतरने, तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने और अनजान जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी है।

निष्कर्ष:

बिहार के कई नदी निगरानी केंद्रों पर जलस्तर चेतावनी या खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत कार्यों की समीक्षा की है। प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने और संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी बनाए रखने की चुनौती है।