केंद्र सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए ₹13,041 करोड़ की पांच महत्वपूर्ण रेल और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले में चार रेलवे परियोजनाएं और बिहार से जुड़ी एक बड़ी हाईवे परियोजना शामिल है।

रेलवे नेटवर्क को मिलेगा बड़ा विस्तार

कैबिनेट की मंजूरी के बाद हावड़ा-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में अतिरिक्त रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इसका उद्देश्य यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों की क्षमता बढ़ाना है।

खड़गपुर-भद्रक सेक्शन में चौथी लाइन के लिए करीब ₹3,352 करोड़ और भद्रक-हरिदासपुर सेक्शन के लिए करीब ₹1,583 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा गुम्मिडिपुंडी-गुडूर और कटक-पारादीप सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन से जुड़े काम को भी मंजूरी मिली है।

इन परियोजनाओं से पूर्वी तट के इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

1.3 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता

सरकार के इस निवेश से रेलवे नेटवर्क पर हर साल करीब 13 मिलियन टन यानी 1.3 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता जुड़ने का अनुमान है। इससे माल परिवहन को तेज और अधिक कुशल बनाने में मदद मिल सकती है।

बिहार में ₹3,591 करोड़ का हाईवे प्रोजेक्ट

कैबिनेट ने बिहार में ₹3,591 करोड़ की एक बड़ी हाईवे परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट से राज्य के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

क्या होगा फायदा?

रेल और सड़क परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों और कारोबारियों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। अतिरिक्त रेल लाइन से व्यस्त रूट पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए भी ज्यादा जगह उपलब्ध होगी।

वहीं, बिहार के हाईवे प्रोजेक्ट से सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ यात्रा और माल परिवहन को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, ₹13,041 करोड़ का यह कैबिनेट पैकेज रेलवे क्षमता बढ़ाने, माल ढुलाई को मजबूत करने और बिहार समेत कई क्षेत्रों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की दिशा में अहम कदम है।