मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP का प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का केंद्र चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर उठे सवाल रहे।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के साथ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, गायक विशाल ददलानी, निर्देशक विशाल भारद्वाज और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी मौजूद थे।

अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन केवल कुछ दिनों का नहीं होगा। उन्होंने कहा कि CJP तीन दिन नहीं, बल्कि तीन महीने तक आंदोलन करने के लिए तैयार है। दीपके ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध जारी रखने की बात कही।

दीपके ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की आलोचना भी की। उनके बयान राजनीतिक आरोप और आंदोलन की मांग हैं; इन्हें किसी न्यायिक या आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

SIR और मतदाता सूची को लेकर क्या है विवाद?

SIR के तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की जांच और पुनरीक्षण करता है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों ने चिंता जताई है कि दस्तावेजों और सत्यापन की शर्तों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं।

CJP और अन्य आलोचकों ने बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, आरोपित संख्या को अंतिम रूप से हटाए गए पात्र मतदाताओं की प्रमाणित संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में नाम हटने, स्थानांतरित होने, दोहराव और पात्रता की जांच जैसे अलग-अलग कारण शामिल हो सकते हैं।

चुनाव आयोग का क्या पक्ष है?

चुनाव आयोग ने SIR और अपनी निर्णय प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। आयोग ने कहा है कि उसके फैसले आयुक्तों के बीच विचार-विमर्श और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। आयोग ने आंतरिक मतभेदों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को भी अलग-अलग विचारों और deliberations के संदर्भ में बताया है।

इस तरह विवाद का एक पक्ष चुनावी पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों को लेकर उठाई गई चिंताएं हैं, जबकि चुनाव आयोग अपने पुनरीक्षण और निर्णयों को वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।

दिल्ली में भी प्रदर्शन और हिरासत

इसी दिन दिल्ली में आम आदमी पार्टी, वामपंथी छात्र संगठनों और नागरिक समूहों ने जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शन करने की कोशिश की। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पुलिस ने 550 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। मुंबई में CJP का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।

आगे कई शहरों में आंदोलन की योजना

CJP ने मुंबई के प्रदर्शन को आंदोलन का अगला चरण बताया है। पार्टी नेतृत्व ने गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता सहित अन्य शहरों में भी प्रदर्शन आयोजित करने की बात कही थी। दीपके ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दिल्ली में फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

निष्कर्ष:

मुंबई में CJP का प्रदर्शन SIR और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक विवाद का हिस्सा है। अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए लंबे आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है। मतदाता सूची से जुड़े आरोपों और आयोग के पक्ष का मूल्यांकन आधिकारिक आंकड़ों तथा संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाना बाकी है।