नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2026: चार राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक—की 28 विधान परिषद सीटों के नतीजों ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। इन सीटों पर मतदान बैलेट पेपर से हुआ था। महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को हराकर जीत हासिल की। इस मुकाबले में दूसरी वरीयता के मतों की गिनती भी अहम साबित हुई।

नागपुर में कांग्रेस को कैसे मिली जीत?

महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और भाजपा के सुधाकर कोहले आमने-सामने थे। मतगणना के दौरान वरीयता आधारित वोटों की भूमिका महत्वपूर्ण रही और आखिरकार वंजारी ने जीत दर्ज की।

यहां एक बात समझना जरूरी है: विधान परिषद के इन चुनावों में मतदाता सामान्य विधानसभा चुनावों की तरह सभी नागरिक नहीं होते। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत स्नातक मतदाता, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र शिक्षक मतदान करते हैं। इसलिए इन नतीजों से संबंधित मतदाता वर्गों में राजनीतिक दलों की पकड़ का अंदाजा मिलता है।

बैलेट पेपर के चुनाव पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी

चुनाव परिणामों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर चार राज्यों में बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की जीती सीटों को लेकर सवाल उठाया। इसके बाद चुनाव परिणामों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

हालांकि, किसी एक सीट पर जीत या हार के आधार पर पूरे चुनावी सिस्टम के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इन चुनावों में मतदाता वर्ग, निर्वाचन क्षेत्र, उम्मीदवारों की स्थिति और वरीयता आधारित मतगणना जैसे पहलू भी नतीजों को प्रभावित करते हैं।

चार राज्यों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?

29 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, 28 सीटों के चुनाव में भाजपा ने 13 सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में पांच सीटें आईं। कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की। बिहार में जदयू, राजद और जन सुराज ने एक-एक सीट जीती। जद(एस), शिवसेना और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को भी सीटें मिलीं, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।

बिहार में जन सुराज ने पहली बार खोला खाता

बिहार की आठ विधान परिषद सीटों में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का नतीजा खास रहा। जन सुराज पार्टी के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को 324 मतों से हराया। इस जीत के साथ जन सुराज ने बिहार विधान परिषद में अपना खाता खोला।

पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के मौजूदा एमएलसी नवल किशोर यादव को हराया। तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह और सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय राहुल राज ने जीत दर्ज की।

उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा की स्थिति

उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा ने छह सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी को पांच सीटों पर सफलता मिली। वाराणसी की सीटों पर सपा के प्रदर्शन ने भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा।

कर्नाटक में कांग्रेस को नहीं मिली कोई सीट

कर्नाटक की चार विधान परिषद सीटों पर भाजपा और जद(एस) गठबंधन ने जीत हासिल की। भाजपा ने तीन सीटें जीतीं और जद(एस) ने एक सीट अपने नाम की। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस चारों सीटों पर जीत दर्ज नहीं कर सकी।

क्या MLC चुनाव के नतीजे विधानसभा चुनावों का संकेत हैं?

इन नतीजों से राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत और स्नातक व शिक्षक मतदाता वर्गों में उनके समर्थन की जानकारी मिलती है। लेकिन विधान परिषद चुनावों का मतदाता आधार विधानसभा चुनावों से अलग होता है। इसलिए इन परिणामों को आगामी विधानसभा चुनावों की जीत-हार का सीधा संकेत मानना सही नहीं होगा।

Category: राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, चुनाव परिणाम

Disclaimer (अस्वीकरण): यह रिपोर्ट 29 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। चुनाव परिणामों के लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा को अंतिम माना जाना चाहिए।