नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद भी अपना असर दिखा रहा है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान का लैंडफॉल बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिण की ओर हुआ। इसके आगे बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश
तूफान के प्रभाव से विशाखापत्तनम, काकीनाडा, अनकापल्ली और कोनसीमा सहित कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गईं। कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़ने, बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचने और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए है।
मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। समुद्र के पास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
लैंडफॉल के बाद तूफान की स्थिति
मौसम विभाग के 28 अक्टूबर की सुबह जारी बुलेटिन में तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गति 115–125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। बाद की रिपोर्टों में लैंडफॉल पूरा होने और तूफान के कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की जानकारी दी गई। इसके बावजूद भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा तत्काल समाप्त नहीं माना जा सकता।
ओडिशा में भी मौसम को लेकर सतर्कता
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी भारी बारिश, तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के समुद्री चेतावनी बुलेटिन में गंजाम और पुरी के कुछ तटीय हिस्सों के लिए ऊंची लहरों को लेकर चेतावनी दी गई थी। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर नजर रखना जरूरी है।
उड़ानों और रेल सेवाओं पर असर
खराब मौसम के कारण आंध्र प्रदेश के कुछ हवाई अड्डों से जुड़ी उड़ानों और रेल सेवाओं में व्यवधान की खबरें हैं। कई एयरलाइंस ने प्रभावित मार्गों पर उड़ानों को रद्द या बदलने की जानकारी दी है। यात्रियों को एयरलाइन और रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से अपनी यात्रा की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को समुद्र तट, जलभराव वाले इलाकों और कमजोर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले तारों के पास खड़े न हों। स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश मिलने पर उसका पालन करें और आपात स्थिति में सरकारी राहत एवं बचाव सेवाओं से संपर्क करें।
आगे क्या होगा?
लैंडफॉल के बाद तूफान के कमजोर होने की संभावना है, लेकिन भारी बारिश, तेज हवाएं और स्थानीय स्तर पर जलभराव कुछ समय तक परेशानी बढ़ा सकते हैं। मौसम की स्थिति में बदलाव के लिए IMD के ताजा बुलेटिन और राज्य प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना जरूरी है।
Category: देश-दुनिया, मौसम समाचार, आपदा अपडेट
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार 28 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और मौसम विभाग की सूचनाओं पर आधारित है। तूफान की स्थिति और मौसम संबंधी चेतावनियां तेजी से बदल सकती हैं। नवीनतम जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचनाएं देखें।