बंगाल की खाड़ी में मौसम सिस्टम से बढ़ी चिंता

बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना Deep Depression पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। IMD के 23 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, सिस्टम लगभग 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था और उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा था।

IMD के अनुसार इसके 23 सितंबर की रात तक तट पार करने की संभावना है। संभावित क्षेत्र विशाखापत्तनम से गोपालपुर के बीच बताया गया है।


क्या यह 'Cyclone Arnab' है?

अभी नहीं।

सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में इसे ‘Cyclone Arnab’ कहा जा रहा है, क्योंकि क्षेत्रीय नामों की सूची में अगला नाम Arnab है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है।

लेकिन IMD का मौजूदा पूर्वानुमान इसे Deep Depression के रूप में तट पार करने का है, न कि Cyclonic Storm के रूप में। ओडिशा के मुख्य सचिव ने भी कहा है कि मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सिस्टम के चक्रवात बनने की संभावना नहीं है।

यानी ‘Arnab’ नाम संभावित अगले चक्रवात का नाम है, मौजूदा सिस्टम की आधिकारिक श्रेणी नहीं।


ओडिशा में स्कूल बंद

भारी बारिश के खतरे को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम और गजपति में स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि मलकानगिरी में स्कूलों को 24 सितंबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।

राज्य सरकार ने कई जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रखा है और संभावित बाढ़, जलभराव, भूस्खलन तथा अन्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी की जा रही है।


IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

IMD के भुवनेश्वर केंद्र ने ओडिशा के लिए 23 और 24 सितंबर को Extremely Heavy Rain की चेतावनी जारी की है। 25 सितंबर को भी कुछ क्षेत्रों में Very Heavy Rain और 26 सितंबर को Heavy Rain की संभावना जताई गई है।

दक्षिण ओडिशा में समुद्र की स्थिति Very Rough से High रहने की चेतावनी है। दक्षिण ओडिशा तट पर हवाओं की गति 30–35 नॉट और झोंकों के साथ 45 नॉट तक पहुंचने का अनुमान दिया गया है।


किन इलाकों पर ज्यादा असर?

दक्षिण और तटीय ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। IMD के अलर्ट के मुताबिक कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

विशेष रूप से गंजाम, गजपति, कोरापुट, नबरंगपुर, कालाहांडी और मलकानगिरी जैसे दक्षिणी जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।


आंध्र प्रदेश में भी असर

मौसम सिस्टम का असर आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में भी रहेगा। IMD के अनुसार उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के बीच तट पार करने के दौरान तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है।

विशाखापत्तनम के आसपास के तटीय क्षेत्रों में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है।


क्यों जरूरी है सावधानी?

लगातार भारी बारिश से:

  1. निचले इलाकों में जलभराव
  2. नदियों का जलस्तर बढ़ना
  3. अचानक बाढ़
  4. भूस्खलन और मडस्लाइड
  5. सड़क और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होना
  6. बिजली एवं संचार सेवाओं में व्यवधान

जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

इसी वजह से प्रशासन ने स्कूल बंद करने और राहत-बचाव की तैयारी पहले से शुरू कर दी है।


'तूफान' से ज्यादा अभी बारिश पर नजर

मौजूदा स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि IMD ने सिस्टम को Deep Depression बताया है, Cyclone नहीं।

इसलिए “तबाही मचाने आ रहा चक्रवाती तूफान Arnab” जैसी भाषा को फिलहाल सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। वास्तविक खतरा अभी भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और संभावित बाढ़ का है।

जैसे-जैसे सिस्टम तट के करीब पहुंचेगा, IMD उसके ट्रैक और तीव्रता को लेकर नए अपडेट जारी करेगा।


निष्कर्ष

बंगाल की खाड़ी का Deep Depression ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की शुरुआत के बीच इसके तट पार करने की संभावना है। ओडिशा में कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

फिलहाल इसे आधिकारिक रूप से Cyclone Arnab नहीं कहा जा सकता; ‘Arnab’ अगले चक्रवाती तूफान के लिए निर्धारित नाम है।