देश की राजधानी दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत तक दिल्ली में 1,349 कन्फर्म H1N1 केस दर्ज किए गए थे। पिछले साल इसी अवधि में करीब 229 मामले सामने आए थे, यानी इस साल संक्रमण में लगभग छह गुना वृद्धि देखी गई।

हालांकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, H1N1 से संक्रमित ज्यादातर मरीजों में बीमारी हल्की रही और इलाज के बाद वे ठीक हुए। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब बुखार लगातार बना रहे या सांस लेने में परेशानी होने लगे।


H1N1 के प्रमुख लक्षण क्या हैं?

H1N1 में आमतौर पर तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त जैसी समस्या भी हो सकती है।

बारिश के मौसम में डेंगू और अन्य वायरल संक्रमण भी फैलते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से H1N1 की पुष्टि करना सही नहीं है। लगातार या बिगड़ते लक्षणों पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।


किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से फेफड़े, हृदय, किडनी, लिवर या डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को भी संक्रमण से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।


H1N1 से कैसे बचें?

  1. भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के मुताबिक मास्क का इस्तेमाल करें।
  2. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
  3. साबुन और पानी से हाथ बार-बार धोएं।
  4. आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
  5. संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें।
  6. बीमार होने पर पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ लें।
  7. डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवा न लें।


इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी/असामान्य नींद, होंठ या नाखून नीले पड़ना या खून वाला बलगम जैसी समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।


मॉनसून में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। लगातार बुखार या सांस से जुड़ी परेशानी होने पर खुद इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच और उचित उपचार कराएं।


यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं।