क्लासरूम में अचानक गिरी बच्ची, अस्पताल में हुई मौत

नई दिल्ली: दिल्ली के मयूर विहार फेज-2 स्थित लवली हेरिटेज स्कूल में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को एक दर्दनाक घटना सामने आई। कक्षा 3 में पढ़ने वाली नौ साल की छात्रा की क्लासरूम में अचानक गिरने के बाद मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, बच्ची खेलकूद की कक्षा के बाद वापस अपने क्लासरूम पहुंची थी। वह अपनी शिक्षिका के सामने खड़ी थी और उनसे बात करने के लिए आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान अचानक जमीन पर गिर पड़ी।

घटना स्कूल के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस को सुबह करीब 9:52 बजे इस संबंध में PCR कॉल मिली। बच्ची को पहले नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया। बाद में निर्माण विहार स्थित अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

CCTV फुटेज में क्या दिखाई दिया?

पुलिस द्वारा जांचे गए CCTV फुटेज में बच्ची क्लासरूम में प्रवेश करती दिखाई देती है। कुछ क्षण बाद वह कमर के पास हाथ रखती है और अचानक मुंह के बल जमीन पर गिर जाती है।

बच्ची के गिरते ही शिक्षिका उसकी मदद के लिए दौड़ती हैं। वह बच्ची को उठाकर कुर्सी पर बैठाने की कोशिश करती हैं। इस दौरान अन्य छात्र भी उसके आसपास इकट्ठा हो जाते हैं। कुछ बच्चे स्कूल के दूसरे कर्मचारियों को बुलाने के लिए बाहर जाते दिखाई देते हैं।

इसके बाद शिक्षिका और स्कूल के कर्मचारी बच्ची को चिकित्सा सहायता के लिए बाहर ले जाते हैं। पुलिस ने घटना से संबंधित CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

परिवार ने CPR और प्राथमिक उपचार पर उठाए सवाल

बच्ची की मौत के बाद परिवार ने स्कूल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में समय पर उचित प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया और बच्ची को तत्काल CPR क्यों नहीं दिया गया, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि बच्ची को अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा और स्कूल में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध थीं या नहीं।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के पिता ने स्कूल की मेडिकल व्यवस्था और अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। परिवार ने बच्ची को पहले से स्वस्थ बताया है।

हालांकि, परिवार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच में स्कूल की ओर से उठाए गए कदमों और चिकित्सा सहायता की पूरी समय-सीमा महत्वपूर्ण होगी।

स्कूल प्रशासन ने क्या बताया?

स्कूल की प्रिंसिपल भावना मलिक के अनुसार, बच्ची के अचानक गिरने के बाद स्कूल कर्मचारियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई थी।

स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्ची को चिकित्सा सहायता दिलाने का प्रयास किया गया। वहीं, परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के बाद स्कूल की आपातकालीन व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है।

मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं

शुरुआती रिपोर्टों में बच्ची की मौत का संभावित कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। हालांकि, पुलिस और चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। बच्ची के माता-पिता और स्कूल प्रशासन के बयान भी जांच का हिस्सा हैं। फिलहाल किसी आपराधिक साजिश या अन्य संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है।

स्कूलों में CPR और मेडिकल सुविधाओं की जरूरत पर फिर चर्चा

इस घटना ने स्कूलों में मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों को CPR तथा प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही आपातकालीन चिकित्सा उपकरण, प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और नजदीकी अस्पतालों से संपर्क की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई बच्चा अचानक बेहोश होकर गिर जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तत्काल आपातकालीन सहायता बुलाना और प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा CPR शुरू करना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष: मयूर विहार के स्कूल में नौ वर्षीय बच्ची की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर है। साथ ही यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत भी सामने लाती है।