AI पर बढ़ते खर्च के बीच गूगल का बड़ा कदम

नई दिल्ली: दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में कर्मचारियों और खर्च को लेकर बदलाव का दौर जारी है। माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल ने भी अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना का विस्तार किया है।

रॉयटर्स की 4 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने जून 2026 से पांच देशों में चुनिंदा कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट पैकेज देना शुरू किया है। इन देशों में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।

इस योजना के तहत कर्मचारी कंपनी छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं। बदले में उन्हें उनकी सेवा अवधि और कंपनी की शर्तों के अनुसार आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा।

किन पांच देशों में कर्मचारियों को मिला ऑफर?

गूगल की नई योजना सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। कंपनी ने चुनिंदा टीमों और विभागों के कर्मचारियों को ही यह विकल्प दिया है।

इन पांच देशों में शामिल हैं:

  1. कनाडा
  2. फ्रांस
  3. जर्मनी
  4. जापान
  5. स्विट्जरलैंड

गूगल के प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि कंपनी ने 2025 में कुछ टीमों के लिए स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम शुरू किया था। जून 2026 में इसे कुछ अन्य देशों तक विस्तारित किया गया।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह योजना उसके भविष्य के महत्वपूर्ण काम और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

स्विट्जरलैंड में कितना मिलेगा पैसा?

इस योजना के आर्थिक पैकेज की सबसे विस्तृत जानकारी स्विट्जरलैंड से सामने आई है।

रॉयटर्स से बातचीत करने वाले सूत्रों के अनुसार, वहां नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कंपनी में काम किए गए प्रत्येक वर्ष के बदले एक महीने की सैलरी दी गई। हालांकि, अधिकतम भुगतान 12 महीने की सैलरी तक सीमित रखा गया।

उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी ने गूगल में 8 साल काम किया है, तो उसे इस व्यवस्था के तहत 8 महीने की सैलरी के बराबर भुगतान मिल सकता है।

स्विट्जरलैंड में कर्मचारियों को जून के मध्य में इस योजना की जानकारी दी गई थी। आवेदन करने वाले कर्मचारियों को जुलाई के मध्य तक जवाब मिला और कुछ कर्मचारियों ने अगस्त से कंपनी छोड़ना शुरू कर दिया।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यही भुगतान व्यवस्था बाकी चार देशों में भी लागू है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

AI और क्लाउड बिजनेस में जारी रहेगी भर्ती

गूगल की यह योजना ऐसे समय आई है, जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है।

कंपनी की CFO अनात अशकेनाजी पहले भी कह चुकी हैं कि AI और क्लाउड उसके लिए भविष्य के महत्वपूर्ण निवेश क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में कंपनी भर्ती जारी रखने की योजना बना रही है।

पिछले स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम में Google Cloud और AI रिसर्च यूनिट DeepMind के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया था। नई योजना में भी इसी तरह की व्यवस्था होने के संकेत हैं।

इससे स्पष्ट होता है कि गूगल सभी विभागों में एक समान कटौती करने के बजाय कर्मचारियों और संसाधनों को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार पुनर्गठित कर रही है।

माइक्रोसॉफ्ट ने 60 हजार कर्मचारियों को दिया था ऑफर

गूगल से पहले माइक्रोसॉफ्ट ने भी अक्टूबर 2026 में करीब 60 हजार पात्र कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर घोषित किया था।

यह योजना अमेरिका, भारत, ब्रिटेन और कनाडा के चुनिंदा कर्मचारियों के लिए है। इसके तहत पात्र कर्मचारी आर्थिक सहायता लेकर स्वेच्छा से कंपनी छोड़ सकते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के इस कदम को भी AI में बढ़ते निवेश और कंपनी के संगठनात्मक पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस तरह दुनिया की दो बड़ी टेक कंपनियों के फैसले संकेत देते हैं कि AI की प्रतिस्पर्धा अब कंपनियों के निवेश के साथ-साथ उनके मानव संसाधन प्रबंधन को भी प्रभावित कर रही है।

क्या गूगल में छंटनी होने वाली है?

गूगल की मौजूदा योजना को सीधे छंटनी कहना सही नहीं होगा। यह स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प है, जिसमें कर्मचारी खुद फैसला करते हैं कि उन्हें कंपनी छोड़नी है या नहीं।

हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल के एक विभाग में पहले स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर देने के बाद अनिवार्य छंटनी भी हुई थी। इसलिए स्वैच्छिक योजना का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में किसी विभाग में छंटनी नहीं होगी।

कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि पांच देशों में कितने कर्मचारियों ने इस ऑफर को स्वीकार किया है।

AI की रेस बदल रही है टेक कंपनियों की रणनीति

AI मॉडल, डेटा सेंटर, एडवांस्ड चिप्स और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और दूसरी बड़ी कंपनियां AI बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही हैं।

लेकिन इन निवेशों से भविष्य में कितना मुनाफा मिलेगा, इसे लेकर निवेशकों के बीच भी सवाल हैं। ऐसे में कंपनियां गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च नियंत्रित करके AI और क्लाउड जैसे क्षेत्रों में संसाधन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

निष्कर्ष: गूगल का पांच देशों में स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम बढ़ाना टेक इंडस्ट्री में बदलती प्राथमिकताओं का संकेत है। कंपनी AI और क्लाउड में निवेश जारी रखते हुए अपने कर्मचारियों और खर्च का पुनर्गठन कर रही है। हालांकि, इसे सभी कर्मचारियों की छंटनी या बड़े पैमाने पर नौकरी खत्म करने का फैसला मानना अभी सही नहीं होगा।