ज्ञानेश कुमार को सम्मानित करने की बात क्यों उठी?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बीजेपी के नेताओं की ओर से उनके समर्थन में बयान सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को कम से कम पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के संचालन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर ज्ञानेश कुमार की भूमिका की सराहना की।
शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्य में मतदाता सूची से मृत, फर्जी और कथित अवैध बांग्लादेशी मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने पहल की। यह उनके द्वारा किया गया राजनीतिक दावा है; इसे चुनाव आयोग के स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जा सकता।
गिरिराज सिंह ने भी किया समर्थन
2 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी ज्ञानेश कुमार को सम्मानित किए जाने की बात कही। बेगूसराय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जिस तरह से कथित अवैध नामों को मतदाता सूची से हटाया, उसके लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।
गिरिराज सिंह ने इस दौरान कांग्रेस और विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विपक्ष क्यों मांग रहा है इस्तीफा?
दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह विवाद मुख्य रूप से SIR और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़ा है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से संबंधित कुछ फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। विपक्ष ने इन रिपोर्टों को आधार बनाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग का रुख रहा है कि आयोग के फैसले सामूहिक और सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। इसलिए आंतरिक आपत्तियों की खबरों को सीधे तौर पर चुनाव आयोग के किसी अंतिम निर्णय में असहमति के बराबर नहीं माना जा सकता।
दिल्ली में प्रदर्शन और FIR
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का मुद्दा अब सड़कों तक भी पहुंच गया है। 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज कीं। पुलिस के मुताबिक, मामलों में सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवहेलना, सरकारी काम में बाधा और अन्य धाराओं का उल्लेख किया गया है। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्ट है।
एक ही मुद्दे पर आमने-सामने दावे
ज्ञानेश कुमार को लेकर मौजूदा विवाद में बीजेपी नेताओं के बयान और विपक्ष की मांगें बिल्कुल अलग हैं। बीजेपी नेता चुनाव आयोग की कार्रवाई, खासकर मतदाता सूची से कथित अवैध नाम हटाने को सकारात्मक कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्ष SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहा है।
इस पूरे विवाद में 'सम्मान' या 'इस्तीफा' दोनों राजनीतिक मांगें हैं। अभी तक ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने का कोई आधिकारिक सरकारी निर्णय सामने नहीं आया है। बीजेपी नेताओं ने यह मांग/समर्थन अपने बयानों में व्यक्त किया है।
निष्कर्ष:
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच बीजेपी के दो प्रमुख नेताओं ने उनके समर्थन में बयान दिए हैं। शमिक भट्टाचार्य ने पद्म भूषण की बात कही, जबकि गिरिराज सिंह ने उन्हें सम्मानित किए जाने की जरूरत बताई। दूसरी ओर विपक्ष उनकी भूमिका और SIR को लेकर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग कर रहा है। फिलहाल सम्मान दिए जाने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।