IIT बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को फिलहाल छुट्टी पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति को अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर देने को कहा गया है।

प्रोफेसर दुल्ला को छुट्टी पर भेजा गया

IIT बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के फैसले के बाद प्रोफेसर दुल्ला को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा गया है। इससे पहले उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी वाले डीन पद से हटाया गया था।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दुल्ला को फैकल्टी सदस्य के पद से निलंबित नहीं किया गया है। वे IIT बॉम्बे में प्रोफेसर बने हुए हैं, जबकि जांच के दौरान उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियां हटा दी गई हैं।

10 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

IIT बॉम्बे ने साहिल वाकोडे की मौत से पहले की परिस्थितियों और उससे जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बनाई है।

कमेटी की अध्यक्षता प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन, चेयरमैन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, IIT पलक्कड़ करेंगे। समिति में IIT बॉम्बे के फैकल्टी सदस्यों के साथ छात्र प्रतिनिधि और अन्य विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

समिति का उद्देश्य घटनाक्रम की जांच करना और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करना है। इसे करीब एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

मुंबई क्राइम ब्रांच भी कर रही जांच

संस्थान की आंतरिक कमेटी के अलावा मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच भी मामले की जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच ने साहिल के माता-पिता और उन छात्रों के बयान दर्ज किए हैं, जो परीक्षा हॉल या हॉस्टल में उसके संपर्क में थे। पुलिस कैंपस के CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी साहिल के लॉक किए गए iPhone से डेटा निकालने की कोशिश कर रही है। इसमें उसकी ChatGPT हिस्ट्री समेत अन्य डिजिटल जानकारी की जांच भी शामिल है।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

साहिल के परिवार ने प्रोफेसर दुल्ला और संस्थान के कुछ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, कथित उत्पीड़न और दबाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस केस दर्ज किया गया है और मामले की जांच जारी है। आरोप अभी जांच का विषय हैं और अदालत या जांच एजेंसी द्वारा सिद्ध नहीं हुए हैं।

वहीं, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर दुल्ला का पक्ष रखते हुए कहा है कि वे परीक्षा के दौरान अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभा रहे थे। ऐसे में मामले में सामने आए अलग-अलग दावों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

IIT बॉम्बे ने पहले के बयान पर मांगी थी माफी

साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने शुरुआती बयान में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT के कथित इस्तेमाल का उल्लेख किया था। बाद में संस्थान ने अपने इस बयान पर माफी मांगते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़ी परिस्थितियों को निश्चित रूप से पेश करना उचित नहीं था।

अब संस्थान की 10 सदस्यीय कमेटी और मुंबई क्राइम ब्रांच दोनों अलग-अलग स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं। कमेटी की रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि साहिल की मौत से पहले वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था और किन लोगों की क्या भूमिका रही।

नोट: प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल जांचाधीन हैं। छुट्टी पर भेजा जाना अपने आप में आरोपों की पुष्टि या दोष सिद्ध होना नहीं है।