पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI संस्थापक इमरान खान से उनकी पत्नी बुशरा बीबी और बहन नूरीन नियाजी ने करीब नौ महीने बाद अदियाला जेल में मुलाकात की। यह मुलाकात पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के हालिया हस्तक्षेप के बाद संभव हुई।

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को इमरान खान को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच अदियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल, इस्लामाबाद ले जाने का निर्देश दिया था। अदालत ने मेडिकल जांच और इलाज के लिए उन्हें 48 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने को कहा है।


परिवार से मुलाकात पर भी बड़ा आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ मेडिकल सुविधा का निर्देश नहीं दिया, बल्कि इमरान खान को परिवार से साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति देने और उनके बेटों से फोन पर बातचीत की व्यवस्था करने को भी कहा है। लंबे समय से परिवार को उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिलने को लेकर उनकी पार्टी और परिजन सवाल उठाते रहे थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, नूरीन नियाजी ने मुलाकात के दौरान इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के अस्पताल स्थानांतरण संबंधी आदेश की जानकारी दी और उनके स्वास्थ्य के बारे में भी बातचीत की।


अस्पताल शिफ्ट करने के आदेश पर सरकार का रुख

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान सरकार ने इसका विरोध करने के संकेत दिए हैं। सरकार ने निजी अस्पताल में स्थानांतरण के आदेश को चुनौती देने के लिए समीक्षा याचिका दायर की है। कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सरकार की आपत्ति दर्ज कराई है।

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर परिवार तथा उनकी पार्टी लगातार चिंता जताती रही है। हालिया घटनाक्रम में परिवार की मुलाकात और अस्पताल ट्रांसफर का सुप्रीम कोर्ट का आदेश उनके जेल जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।


अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को किस तरह लागू करती है और इमरान खान को अस्पताल में कब तक स्थानांतरित किया जाता है।