लिंकन: भारत-ए और न्यूजीलैंड-ए के बीच खेले जा रहे पहले अनौपचारिक टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल ने 199 रन की बेहतरीन पारी खेली, लेकिन वह अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। दूसरी ओर, साई सुदर्शन ने 91 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने मुकाबले में इंडिया-ए की वापसी की उम्मीद मजबूत कर दी।
पडिक्कल की 199 रनों की शानदार पारी
देवदत्त पडिक्कल ने 248 गेंदों का सामना करते हुए 199 रन बनाए। उनकी पारी में 24 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। वह दोहरा शतक पूरा करने से सिर्फ एक रन दूर थे, तभी जैक गिब्सन की गेंद पर विकेटकीपर मिचेल हे ने उनका कैच पकड़ लिया। इस तरह पडिक्कल की शानदार पारी का अंत हुआ।
पडिक्कल ने दबाव के समय धैर्य और आक्रामकता का अच्छा संतुलन दिखाया। उनकी इस पारी ने इंडिया-ए को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की और टीम की स्थिति बदल दी।
साई सुदर्शन ने भी दिखाया दम
साई सुदर्शन ने 184 गेंदों पर 91 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल थे। वह भी शतक से चूक गए। पडिक्कल और सुदर्शन ने तीसरे विकेट के लिए 215 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों ने उस समय पारी संभाली, जब भारत-ए के शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए थे।
केएल राहुल केवल 4 रन और यशस्वी जायसवाल 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। ऐसे में पडिक्कल और सुदर्शन की साझेदारी भारतीय टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई।
पहली पारी में भारत की हालत थी खराब
मुकाबले में इंडिया-ए की पहली पारी सिर्फ 113 रन पर सिमट गई थी। यश राठौड़ ने नाबाद 44 रन बनाए, जबकि पडिक्कल ने 32 रनों का योगदान दिया। न्यूजीलैंड-ए की ओर से साइमन कीन ने पांच विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया। जैक गिब्सन ने भी तीन विकेट हासिल किए।
इसके जवाब में न्यूजीलैंड-ए ने अपनी पहली पारी में 317 रन बनाए और 204 रनों की बढ़त हासिल की। कप्तान रीस मारिउ ने 76 रन और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रन बनाए। भारत-ए की ओर से अंशुल कम्बोज और आकिब नबी ने तीन-तीन विकेट लिए।
यश राठौड़ ने भी दिया अहम योगदान
पडिक्कल के आउट होने के बाद यश राठौड़ ने पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने दूसरी पारी में भी उपयोगी बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक बनाया और भारतीय टीम को बढ़त मजबूत करने में मदद की। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद इंडिया-ए ने बड़ी साझेदारियों के दम पर मुकाबले में वापसी की।
मैच में आगे क्या?
पहली पारी में 204 रन से पिछड़ने के बाद इंडिया-ए की दूसरी पारी में बल्लेबाजों का प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ। पडिक्कल और सुदर्शन की पारियों ने टीम को मुकाबले में वापस ला दिया। अब भारतीय टीम की कोशिश बढ़त को और मजबूत करने तथा न्यूजीलैंड-ए के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने की होगी।
निष्कर्ष: देवदत्त पडिक्कल का 199 रन पर आउट होना दोहरे शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूकने का दुर्लभ मौका रहा। साई सुदर्शन की 91 रन की पारी और दोनों के बीच 215 रनों की साझेदारी ने इंडिया-ए को मुश्किल स्थिति से उबारने में अहम भूमिका निभाई।
अस्वीकरण: यह रिपोर्ट प्रकाशित मैच रिपोर्टों और उपलब्ध स्कोरकार्ड पर आधारित है। मैच की स्थिति आगे के खेल के साथ बदल सकती है।