UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को दिया जवाब

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 62वें सत्र के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के बयानों का कड़ा जवाब दिया। भारत की ओर से राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और पाकिस्तान को उसके कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करना चाहिए।

भारत ने यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर और भारत में अल्पसंख्यकों को लेकर की गई टिप्पणियों के जवाब में दी।

'PoK को खाली करे पाकिस्तान'

भारत ने UNHRC में अपना पुराना आधिकारिक रुख दोहराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारतीय पक्ष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का जो हिस्सा विदेशी नियंत्रण में है, वह पाकिस्तान के कब्जे वाला क्षेत्र है और इस्लामाबाद को उसे खाली करना चाहिए।

भारत ने साथ ही पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने और कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

कश्मीरी पंडितों के पलायन का भी उठा मुद्दा

भारतीय प्रतिनिधि ने 1990 के कश्मीरी पंडित पलायन का जिक्र भी किया। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की हिंसा और धमकियों के कारण कश्मीरी पंडित परिवारों को घाटी से पलायन करना पड़ा।

कश्मीरी पंडितों का 1989-90 के दौरान बड़े पैमाने पर घाटी से विस्थापन जम्मू-कश्मीर के आधुनिक इतिहास की सबसे संवेदनशील घटनाओं में शामिल है। मानवाधिकार संगठनों ने भी इस विस्थापन और उस दौर की हिंसा का उल्लेख किया है, हालांकि घटना के कारणों और जिम्मेदार पक्षों को लेकर राजनीतिक और ऐतिहासिक व्याख्याओं में अंतर रहा है।

अल्पसंख्यकों का मुद्दा भी उठाया

भारत ने पाकिस्तान में हिंदू, सिख, ईसाई, शिया, अहमदिया, इस्माइली और हजारा समुदायों से जुड़े मानवाधिकार संबंधी मुद्दों का भी उल्लेख किया। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान से अपनी अर्थव्यवस्था और घरेलू चुनौतियों पर ध्यान देने की बात कही।

भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर पर पुराना विवाद

जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद चला आ रहा है। भारत पाकिस्तान के नियंत्रण वाले हिस्से को अपना क्षेत्र मानता है, जबकि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक भविष्य पर अलग रुख रखता है।

UNHRC में हुई यह बहस इसी व्यापक विवाद और दोनों देशों के एक-दूसरे पर लगाए जाने वाले आरोपों के बीच हुई है। भारत का ताजा बयान उसके लंबे समय से चले आ रहे आधिकारिक रुख को दोहराता है।

निष्कर्ष:

UNHRC में भारत ने पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी बयानों को खारिज करते हुए PoK खाली करने की मांग दोहराई और 1990 के कश्मीरी पंडित विस्थापन को पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जोड़कर पेश किया। यह बयान भारत के आधिकारिक कश्मीर रुख का हिस्सा है, जबकि कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के दावे और राजनीतिक व्याख्याएं एक-दूसरे से अलग हैं।