नई दिल्ली: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत की ओर से राहत सामग्री की दूसरी खेप नेपाल भेजी गई है। यह सहायता ऐसे समय पहुंचाई जा रही है जब बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
35 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप
भारत ने नेपाल के लिए करीब 35 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी है। इसमें आपदा से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान, मेडिकल सप्लाई और राहत सामग्री शामिल है।
इससे पहले भारत ने बुधवार को 10 टन मानवीय और मेडिकल सहायता नेपाल भेजी थी। यह सहायता भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए पहुंचाई गई थी।
नेपाल में भारी तबाही
नेपाल के रासुवा जिले और भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाकों में आई अचानक बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ के तेज बहाव में सड़कें, पुल, घर, सुरक्षा चौकियां और बिजली परियोजनाएं तक प्रभावित हुई हैं। कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और राहत-बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में नेपाल की सेना, पुलिस और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।
भारत ने पहले ही बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में हालात बिगड़ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात कर संवेदना जताई थी। पीएम मोदी ने भारत की ओर से हर संभव मानवीय और राहत सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
भारत ने राहत सामग्री के साथ-साथ आपदा प्रतिक्रिया और बचाव अभियान में सहयोग की तैयारी भी की है।
बिहार और यूपी में भी अलर्ट
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है। NDRF की अतिरिक्त टीमें भी तैनात की गई हैं।
संकट में पड़ोसी का साथ
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मजबूत सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के इस मुश्किल वक्त में भारत की राहत सहायता को दोनों देशों के बीच 'पड़ोसी पहले' और मानवीय सहयोग की भावना के तौर पर देखा जा रहा है।
राहत सामग्री की दूसरी खेप पहुंचने के साथ अब प्रभावित नेपाली नागरिकों तक जरूरी सामान और मेडिकल सहायता पहुंचाने पर जोर है। वहीं, भारत की ओर से आगे भी जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सहायता जारी रखने की बात कही गई है।