ईरान ने रखा नया प्रस्ताव
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक हल की एक नई संभावना सामने आई है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने Reuters को बताया कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटाता है, तो ईरान सात दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर खोल सकता है।
ईरान ने यह प्रस्ताव सीधे अमेरिका को नहीं, बल्कि मध्यस्थों के जरिए 16 सितंबर को पहुंचाया था। तेहरान का कहना है कि इसका उद्देश्य बातचीत दोबारा शुरू कर दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
ईरान की मुख्य शर्त क्या है?
ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका को सबसे पहले यह आधिकारिक रूप से बताना होगा कि वह इस विवाद का कूटनीतिक समाधान चाहता है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया के लिए समयसीमा तय की जा सकती है।
ईरान की ओर से जिन मांगों का सार्वजनिक रूप से उल्लेख किया गया है, उनमें:
- अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकना
- ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी हटाना
- ईरान की जमी हुई संपत्तियों/फंड को जारी करना
- सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम
- ईरान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप खत्म करना
शामिल हैं। हालांकि, ईरान के अधिकारियों ने जिन सात शर्तों की बात की है, उनकी पूरी आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
होर्मुज को लेकर क्या होगा?
ईरान का कहना है कि अमेरिकी कदमों के बाद वह सात दिन के भीतर होर्मुज खोल सकता है।
यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। युद्ध से पहले इसके जरिए वैश्विक तेल और LNG शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था। लंबे समय से यहां समुद्री यातायात बाधित है।
इसलिए होर्मुज का दोबारा खुलना वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
क्या इससे युद्ध खत्म हो जाएगा?
अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।
ईरान ने बातचीत का रास्ता खोलने का संकेत दिया है, लेकिन उसने अपनी शर्तों को भी स्पष्ट रखा है। दूसरी तरफ अमेरिका की ओर से अभी इस नए प्रस्ताव को स्वीकार करने की घोषणा नहीं हुई है।
यानी फिलहाल स्थिति इस तरह है:
ईरान: अमेरिकी सैन्य दबाव और नाकाबंदी कम हो → बातचीत → सात दिन में होर्मुज खोलने की संभावना
अमेरिका: प्रस्ताव पर अभी सार्वजनिक स्वीकृति नहीं
इसलिए प्रस्ताव को संघर्ष खत्म होने का समझौता नहीं, बल्कि संभावित बातचीत की शुरुआत के रूप में देखना ज्यादा सही होगा।
UN महासभा से बढ़ी कूटनीतिक हलचल
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं। ईरानी अधिकारी के अनुसार, UNGA के दौरान मौजूद मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने की कोशिश की जा सकती है।
तेहरान ने UN महासभा को अमेरिका के साथ कूटनीति दोबारा शुरू करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है। हालांकि, पेजेश्कियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फिलहाल सीधे मुलाकात की योजना नहीं बताई गई है।
तेल बाजार पर भी पड़ा असर
ईरान के इस प्रस्ताव की खबर सामने आने के बाद तेल बाजार में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक Brent crude की कीमत शुरुआती कारोबार में करीब 0.5% गिरकर $99.75 प्रति बैरल तक पहुंची, जबकि WTI करीब 2% नीचे आया। बाजार की प्रतिक्रिया इस उम्मीद को दर्शाती है कि अगर होर्मुज में यातायात बहाल होता है तो ऊर्जा आपूर्ति का दबाव कम हो सकता है।
अब आगे क्या?
आगे की स्थिति मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका ईरान की शर्तों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों पक्ष मध्यस्थों के जरिए किसी नए समझौते तक पहुंच पाते हैं।
फिलहाल इतना जरूर है कि महीनों से चले आ रहे तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज खोलने को बातचीत और अमेरिकी कदमों से जोड़ते हुए एक स्पष्ट कूटनीतिक प्रस्ताव सामने रखा है। लेकिन जब तक दोनों पक्ष किसी समझौते पर सहमत नहीं होते, इसे युद्ध समाप्त होने की खबर नहीं माना जा सकता।