पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित मार्च से पहले इस्लामाबाद में तनाव बढ़ गया है। PTI ने 27 सितंबर 2026 को राजधानी की ओर मार्च का ऐलान किया है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने राजधानी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
2,000 से ज्यादा कंटेनर लगाए गए
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामाबाद और अटक ब्रिज समेत महत्वपूर्ण प्रवेश मार्गों पर 2,000 से ज्यादा कंटेनर लगाए गए हैं। कई कंटेनरों को आपस में वेल्ड कर उनमें रेत और बजरी भरने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें आसानी से हटाया न जा सके।
अटक ब्रिज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग है और PTI के मार्च में खैबर पख्तूनख्वा से बड़ी संख्या में समर्थकों के आने की संभावना बताई गई है।
कई हाईवे बंद
पुलिस ने इस्लामाबाद को जोड़ने वाले कई प्रमुख मार्गों को बंद कर दिया है। इनमें इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे, इस्लामाबाद-डेरा इस्माइल खान मोटरवे, हजारा मोटरवे और ग्रैंड ट्रंक रोड के कुछ हिस्से शामिल हैं। इन बंदियों से राजधानी और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है।
AFP के मुताबिक, इस्लामाबाद में करीब 22,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
PTI बोली- रास्ता खोलकर राजधानी पहुंचेंगे
PTI नेताओं ने कहा है कि मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और पार्टी अपने समर्थकों के साथ राजधानी पहुंचेगी। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि PTI हिंसा का समर्थन नहीं करेगी।
Dawn की रिपोर्ट के अनुसार, PTI कार्यकर्ताओं ने पहले भी कंटेनर और दूसरी बाधाएं हटाने के लिए क्रेन और भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया है। इस बार कुछ कंपनियों ने पार्टी को ऐसे उपकरण उपलब्ध कराने से इनकार किया है। इसके बावजूद PTI नेताओं ने मार्च जारी रखने की बात कही है।
इमरान खान की रिहाई की मांग
PTI का मार्च मुख्य रूप से इमरान खान की जेल से रिहाई और पार्टी के मुताबिक संवैधानिक अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और PTI उनकी कई कानूनी मामलों में सजा को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती रही है।
इस बीच इमरान खान की बहनों की गिरफ्तारी ने भी राजनीतिक तनाव बढ़ाया है। PTI का आरोप है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि ये कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे हैं।
धारा 144 और सुरक्षा व्यवस्था
इस्लामाबाद में सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लागू है। राजधानी में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है और कुछ स्कूल-कॉलेजों को सुरक्षा बलों के ठहरने के लिए इस्तेमाल किए जाने की खबर है।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा इंतजाम किसी राजनीतिक गतिविधि को स्थायी रूप से बंद करने के लिए नहीं, बल्कि संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए किए जा रहे हैं। PTI इन कदमों को अपने प्रदर्शन को रोकने की कोशिश बता रही है।
आगे क्या होगा?
27 सितंबर के मार्च से पहले मुख्य सवाल यही है कि PTI कार्यकर्ता लगाए गए कंटेनर बैरियर के बावजूद इस्लामाबाद तक पहुंच पाते हैं या नहीं। सरकार ने संकेत दिया है कि राजधानी में लंबे समय तक धरना या सड़कें बंद रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जबकि PTI ने अपना मार्च रद्द करने से इनकार किया है।
फिलहाल स्थिति तेजी से बदल रही है और 27 सितंबर के मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी।