इटली में क्या होने वाला है?
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि उनकी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब (Niqab) पहनने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून लाएगी।
यह प्रस्ताव फिलहाल स्कूलों तक सीमित बताया गया है। इसे सरकार की कैबिनेट के सामने रखा जाना है और कानून बनने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि इटली में बुर्का पूरी तरह बैन हो चुका है।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि बुर्का और नकाब में चेहरा ढका होता है, जबकि हिजाब में चेहरा खुला रहता है। मौजूदा प्रस्ताव विशेष रूप से बुर्का और नकाब पर केंद्रित है।
अभी किन देशों में बुर्का/नकाब पर प्रतिबंध है?
यहां “बैन” का मतलब हर देश में एक जैसा नहीं है। कहीं पूरे सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक है, तो कहीं सिर्फ स्कूल, सरकारी कार्यालय, अस्पताल या सार्वजनिक परिवहन जैसी जगहों पर प्रतिबंध है।
I. फ्रांस
फ्रांस में 2011 से सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले कपड़ों पर राष्ट्रीय प्रतिबंध लागू है। यह कानून सिर्फ धार्मिक कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को छिपाने वाले कपड़ों पर लागू होता है।
II. बेल्जियम
बेल्जियम ने 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर ऐसा चेहरा ढकना प्रतिबंधित किया जिससे व्यक्ति की पहचान न हो सके। इसमें बुर्का और नकाब भी शामिल हैं।
III. ऑस्ट्रिया
ऑस्ट्रिया में 2017 से सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने पर प्रतिबंध है। इसके अलावा सितंबर 2026 से 14 वर्ष तक की लड़कियों के स्कूलों में इस्लामिक हेडस्कार्फ पहनने पर भी अलग प्रतिबंध लागू हुआ है।
IV. डेनमार्क
डेनमार्क में 2018 से सार्वजनिक स्थानों पर ऐसा पहनावा प्रतिबंधित है जो चेहरे को ढकता है। इसमें बुर्का और नकाब शामिल हैं।
V. बुल्गारिया
बुल्गारिया में 2016 से सार्वजनिक स्थानों पर फुल-फेस कवरिंग पर प्रतिबंध है।
VI. स्विट्जरलैंड
स्विट्जरलैंड में जनमत संग्रह के बाद सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को ढकने पर संघीय प्रतिबंध लागू किया गया। इसका क्रियान्वयन 2023 में शुरू हुआ।
VII. नीदरलैंड
नीदरलैंड में पूरी तरह सार्वजनिक प्रतिबंध नहीं, बल्कि 2019 से कुछ विशेष जगहों पर फुल-फेस कवरिंग प्रतिबंधित है—जैसे स्कूल, अस्पताल, सरकारी संस्थान और सार्वजनिक परिवहन।
VIII. लक्जमबर्ग
लक्जमबर्ग में स्कूल, सार्वजनिक परिवहन, अस्पताल, सरकारी संस्थानों और कुछ अन्य सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने पर प्रतिबंध है।
IX. पुर्तगाल
पुर्तगाल ने अगस्त 2026 में सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को ढकने वाले घूंघट पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून पारित किया। इसमें कुछ अपवाद भी हैं।
और कौन से देश प्रतिबंध लगाते हैं?
यूरोप के बाहर भी कई देशों ने सुरक्षा, पहचान या सार्वजनिक व्यवस्था के आधार पर चेहरे को ढकने वाले कपड़ों पर अलग-अलग स्तर के प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें चीन, रूस, श्रीलंका, मोरक्को, अल्जीरिया, सेनेगल, चाड, कैमरून और कांगो गणराज्य जैसे देश शामिल बताए जाते हैं। हालांकि, इन देशों में नियमों का दायरा और कानूनी आधार एक-दूसरे से काफी अलग है।
एक नजर में
| देशप्रतिबंध का स्वरूप | |
| फ्रांस | सार्वजनिक स्थानों पर फुल-फेस कवरिंग पर राष्ट्रीय प्रतिबंध |
| बेल्जियम | सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध |
| डेनमार्क | सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध |
| ऑस्ट्रिया | सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध + स्कूलों में अतिरिक्त नियम |
| बुल्गारिया | सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध |
| स्विट्जरलैंड | सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय प्रतिबंध |
| पुर्तगाल | 2026 से सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध |
| नीदरलैंड | स्कूल/अस्पताल/सरकारी कार्यालय/पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आंशिक प्रतिबंध |
| लक्जमबर्ग | कई सार्वजनिक संस्थानों में प्रतिबंध |
| इटली | अभी प्रस्ताव—स्कूलों में बुर्का/नकाब बैन की तैयारी |
बुर्का और हिजाब में अंतर
बुर्का: पूरे शरीर और चेहरे को ढकता है, आंखों के सामने भी जाली होती है।
नकाब: चेहरा ढकता है लेकिन आम तौर पर आंखें दिखाई देती हैं।
हिजाब: बाल और गर्दन ढकता है, लेकिन चेहरा खुला रहता है।
इसलिए जिन देशों में फुल-फेस कवरिंग पर प्रतिबंध है, वहां हिजाब पर वही प्रतिबंध जरूरी नहीं होता। इटली का मौजूदा प्रस्ताव भी इसी अंतर के कारण मुख्य रूप से बुर्का और नकाब को लक्षित करता है।
निष्कर्ष
इटली का कदम यूरोप में चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले परिधानों को लेकर चल रही बहस का नया अध्याय है। लेकिन इटली में अभी बुर्का पर पूर्ण राष्ट्रीय प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है—फिलहाल मेलोनी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक प्रतिबंध पहले से लागू हैं।