ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की कोशिश में वैज्ञानिकों को एक ऐसी खगोलीय वस्तु मिली है, जिसने उनकी दिलचस्पी बढ़ा दी है। NASA के James Webb Space Telescope से मिले डेटा के आधार पर वैज्ञानिकों ने एक बेहद चमकीली और रहस्यमयी वस्तु की पहचान की है, जो ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में मौजूद थी।

इस वस्तु को फिलहाल MoM-BH-1* नाम दिया गया है और वैज्ञानिक इसे अनौपचारिक तौर पर 'Black Hole Star' कह रहे हैं। इसका व्यवहार सामान्य तारों या शुरुआती आकाशगंगाओं से अलग दिखाई देता है।


'Black Hole Star' आखिर है क्या?

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह वस्तु देखने में किसी विशाल तारे जैसी लग सकती है, लेकिन इसके असामान्य प्रकाश और स्पेक्ट्रम से संकेत मिलता है कि इसके केंद्र में एक तेजी से पदार्थ निगल रहा ब्लैक होल हो सकता है।

एक संभावना यह है कि ब्लैक होल एक बेहद घने हाइड्रोजन गैस के आवरण से घिरा हुआ है। इसी वजह से बाहर से यह किसी चमकते हुए तारे जैसा दिखाई दे सकता है।


ब्रह्मांड के शुरुआती दौर का सुराग

यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वस्तु बिग बैंग के लगभग 66 करोड़ साल बाद की है। यानी वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के उस दौर की झलक मिल रही है जब पहली आकाशगंगाएं और शुरुआती ब्लैक होल बन रहे थे।

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस तरह की वस्तुओं का अध्ययन यह समझने में मदद कर सकता है कि ब्रह्मांड के शुरुआती सुपरमैसिव ब्लैक होल इतनी तेजी से कैसे बने।


'Little Red Dots' का भी खुल सकता है राज

James Webb Telescope ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरिक्ष में कई रहस्यमयी 'Little Red Dots' देखे हैं। वैज्ञानिक लंबे समय से इनके वास्तविक स्वरूप को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

नई 'Black Hole Star' खोज इस रहस्य को समझने में एक महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसी वस्तुएं शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल और आकाशगंगाओं के विकास के बीच की कड़ी हो सकती हैं।


भारतीय मूल के वैज्ञानिक की अहम भूमिका

इस रिसर्च में हैदराबाद में जन्मे खगोलशास्त्री Rohan P. Naidu, जो MIT से जुड़े हैं, की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी टीम ने JWST के डेटा का इस्तेमाल कर इस असामान्य वस्तु का अध्ययन किया।


यह खोज अभी वैज्ञानिक अध्ययन और व्याख्या के दौर में है। 'Black Hole Star' नाम एक संभावित व्याख्या को दर्शाता है, इसे किसी नई तरह के तारे के रूप में अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।