जमुई की घटना के बाद आमने-सामने सत्ता और विपक्ष
बिहार के जमुई में 19 सितंबर को नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद नाबालिग छात्र के साथ कथित छेड़छाड़, अभद्रता और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की गई है।
घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई को रेखांकित करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को याद दिलाया पुराना बयान
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमुई की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति है।
तेजस्वी ने सम्राट चौधरी के एक पुराने वीडियो को भी साझा किया। रिपोर्टों के मुताबिक, इस पुराने बयान में सम्राट चौधरी ने महिला सुरक्षा को लेकर कहा था कि रात में खाना खाने के बाद कोई अपने गांव घूमकर आए और किसी ने महिला को छू दिया तो वह अगली सुबह इस्तीफा दे देंगे। यह बयान सितंबर 2025 के एक कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है और जमुई की घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने इसे फिर से मुद्दा बनाया है।
तेजस्वी का कहना है कि सरकार के सुरक्षा संबंधी दावों और जमुई में सामने आई घटना के बीच अंतर दिखाई देता है। यह विपक्ष का राजनीतिक आरोप है; घटना की जांच और सरकार की ओर से की गई कार्रवाई अलग से जारी है।
श्रेयशी सिंह ने कहा- पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की
बिहार सरकार में मंत्री और जमुई की विधायक श्रेयशी सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई का बचाव किया। उनके मुताबिक, पीड़ितों या उनके परिवार की ओर से तत्काल FIR नहीं कराई गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया और मामला दर्ज किया।
श्रेयशी सिंह ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और प्रशासन को मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कार्रवाई में कोई कमी नहीं होगी।
उन्होंने विपक्ष पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का भी आरोप लगाया और कहा कि पुलिस एवं प्रशासन ने मामले में कार्रवाई की है।
जमुई सांसद अरुण भारती ने क्या कहा?
जमुई से लोकसभा सांसद अरुण भारती ने कहा कि वह प्रशासन और पुलिस के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने SP से बात करने और मामले में कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी।
अरुण भारती के अनुसार, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज की और तीन आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हालांकि, अरुण भारती ने RJD से जुड़े कुछ लोगों पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि घटना की जांच के निष्कर्ष से अलग विषय है।
अब तक पुलिस कार्रवाई क्या हुई?
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर पीड़ितों की पहचान कर उनसे संपर्क किया गया और POCSO Act समेत संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है और बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
पुलिस ने मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की बात भी कही है। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को हटाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
घटना अब कानून-व्यवस्था से आगे राजनीतिक मुद्दा
जमुई की घटना ने बिहार में महिला और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। विपक्ष इसे सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए उठा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियों को सामने रख रहा है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। इसलिए वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली हर बात या सभी आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपियों की भूमिका और कानूनी जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।