जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी, पुलिस ने नहीं दी अनुमति
गांधी जयंती, 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। प्रदर्शन में छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी समूहों के शामिल होने की बात कही गई है।
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को अब तक अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। प्रदर्शन का संबंध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठाए जा रहे सवालों से है।
सौरभ भारद्वाज ने भी किया था प्रदर्शन का आह्वान
आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर लोगों से 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की थी। पार्टी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया।
क्या सौरभ भारद्वाज को आज हिरासत में लिया गया?
सौरभ भारद्वाज की हिरासत की खबर के संदर्भ में तारीख और स्थान स्पष्ट करना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 27 सितंबर को तिलक नगर में एक अलग विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। वह प्रदर्शन दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा से जुड़े थप्पड़ विवाद को लेकर था।
2 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान सौरभ भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं मिली है। इसलिए दोनों घटनाओं को एक ही प्रदर्शन बताना सही नहीं होगा।
मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने दिल्ली पुलिस के निर्देश पर 11 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए हैं। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।
कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले मेट्रो की ताजा सूचना देखने की सलाह दी गई है।
प्रदर्शन के पीछे क्या है SIR विवाद?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवालों का जवाब शामिल है। कुछ विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं।
ये आरोप प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों के दावे हैं। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों को आयोग की सामूहिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। आरोपों और आधिकारिक जवाब को अलग-अलग समझना जरूरी है।
पहले भी जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था
26 सितंबर को SIR के विरोध और CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर के पास हुए एक प्रदर्शन में 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अधिवक्ता प्रशांत भूषण और छात्र नेता नेहा बोरा सहित अन्य लोग शामिल थे।
निष्कर्ष
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी की गई है। प्रदर्शनकारियों की मांग चुनाव आयोग के कामकाज और SIR प्रक्रिया से जुड़ी है। वहीं, सौरभ भारद्वाज की हिरासत का उपलब्ध समाचार 27 सितंबर के तिलक नगर प्रदर्शन से संबंधित है—आज के जंतर-मंतर प्रदर्शन से नहीं।