अम्मान: पश्चिम एशिया के जॉर्डन में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को एक चर्च में हुई गोलीबारी से हड़कंप मच गया। दक्षिणी जॉर्डन के कराक प्रांत के हम्मूद गांव स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने लोगों पर गोलियां चला दीं। अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 लोग घायल हुए हैं।

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। जॉर्डन के अधिकारियों ने हमले को आतंकवादी कृत्य बताया है, हालांकि अभी तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।

अंतिम संस्कार के दौरान हुई गोलीबारी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चर्च में अंतिम संस्कार के लिए लोग जुटे थे, तभी हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोलियां कई मिनट तक चलती रहीं और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

जॉर्डन के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित सुरक्षा कैमरे की फुटेज में कुछ हथियारबंद लोगों को चर्च के बाहर गोली चलाते और फिर प्रवेश द्वार की ओर बढ़ते देखा गया। हालांकि, हमलावरों की सटीक संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर है।

सात लोगों की मौत, 40 घायल

जॉर्डन के अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी में सात लोगों की मौत हुई और 40 लोग घायल हुए। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और हमले में शामिल लोगों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जॉर्डन के राजा ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री जाफर हसन ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी विचारधारा और हिंसा को देश की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

क्या किसी आतंकी संगठन का हाथ है?

जॉर्डन के गृह मंत्री ने हमले को चरमपंथियों से जुड़ा बताया, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि हमलावरों के संबंध किसी ज्ञात संगठन से थे या नहीं।

अब तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इसलिए किसी विशेष आतंकी संगठन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना फिलहाल उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की वजह और संभावित नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी।

जॉर्डन में ईसाई समुदाय पर हमले से चिंता

जॉर्डन मुस्लिम बहुल देश है, जहां ईसाई समुदाय अल्पसंख्यक है। देश में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।

जॉर्डन में इस तरह के हमले दुर्लभ माने जाते हैं। घटना ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और विभिन्न समुदायों के बीच शांति बनाए रखने को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने नागरिकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।

निष्कर्ष

जॉर्डन के कराक प्रांत में चर्च के अंदर हुई गोलीबारी में सात लोगों की मौत और 40 लोगों के घायल होने की घटना ने देश को झकझोर दिया है। हमला अंतिम संस्कार के दौरान हुआ, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ गई। जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश और घटना की जांच में जुटी हैं। फिलहाल हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है और इसके पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हुआ है।

अस्वीकरण: यह समाचार 23–24 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित Reuters, Associated Press और अन्य मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। जांच के दौरान मृतकों, घायलों और हमलावरों की पहचान संबंधी विवरणों में बदलाव हो सकता है।