मंगल ग्रह को लेकर वैज्ञानिकों को एक और हैरान करने वाली खोज मिली है। NASA के Perseverance Mars Rover ने लाल ग्रह की चट्टानों में ऐसा खनिज खोजा है, जो पृथ्वी पर बेहद कीमती रत्नों से जुड़ा है। वैज्ञानिकों ने मंगल की तीन चट्टानों में क्रोमियम युक्त कोरंडम के स्पष्ट संकेत पाए हैं। कोरंडम एल्युमिनियम ऑक्साइड का एक क्रिस्टलीय रूप है। पृथ्वी पर इसी खनिज के अलग-अलग रूप रूबी और सैफायर जैसे रत्नों का आधार बनते हैं। क्रोमियम की मौजूदगी रूबी को उसका खास लाल या गुलाबी रंग देने में भूमिका निभाती है। यह खोज Jezero Crater के आसपास मिली तीन चट्टानों में की गई। Perseverance के SuperCam उपकरण ने इन चट्टानों का विश्लेषण किया। वैज्ञानिकों ने इन संकेतों की तुलना पृथ्वी पर मौजूद रूबी और सैफायर जैसे खनिजों से की, जिसके बाद मंगल पर कोरंडम की मौजूदगी के मजबूत प्रमाण मिले।
सबसे बड़ा रहस्य क्या है?
वैज्ञानिकों के लिए यह खोज इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि कोरंडम के बनने के लिए आमतौर पर एल्युमिनियम से भरपूर और सिलिकॉन से अपेक्षाकृत कम रासायनिक परिस्थितियों की जरूरत होती है। मंगल की जिन चट्टानों में यह खनिज मिला है, उनमें प्लैजियोक्लेज की मात्रा भी काफी है। इसलिए इन परिस्थितियों में कोरंडम का बनना वैज्ञानिकों के लिए एक भूगर्भीय पहेली है। शोधकर्ताओं का मानना है कि मंगल के पुराने इतिहास में उच्च तापमान या उल्कापिंडों के प्रभाव जैसी घटनाओं ने इन खनिजों के निर्माण में भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि, इसके पीछे की पूरी प्रक्रिया को समझने के लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है। इस खोज की अहमियत सिर्फ इसलिए नहीं है कि मंगल पर 'कीमती रत्न' मिल गए हैं। वैज्ञानिकों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इन खनिजों से मंगल के प्राचीन भूगर्भीय वातावरण और वहां हुई रासायनिक प्रक्रियाओं के बारे में नई जानकारी मिल सकती है। यानी मंगल पर मिला यह 'रत्नों का खजाना' असल में वैज्ञानिकों के लिए लाल ग्रह के करोड़ों-अरबों साल पुराने इतिहास को समझने की एक नई चाबी है।