भारतीय घरों में सहजन यानी मोरिंगा (Moringa oleifera) की सब्जी और पत्तियों का इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है। इसके पत्तों में फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, बीटा-कैरोटीन और कई पौधों से मिलने वाले एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसी वजह से इसे पौष्टिक हरी सब्जियों में शामिल किया जाता है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर सहजन को लेकर कई बड़े स्वास्थ्य दावे किए जाते हैं। वैज्ञानिक प्रमाणों को देखते हुए इसे “हर बीमारी की दवा” या डायबिटीज का इलाज कहना सही नहीं होगा।
क्या सहजन ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकता है?
सहजन की पत्तियों और ब्लड शुगर पर हुए कुछ छोटे मानव अध्ययनों में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 2026 में प्रकाशित एक मेटा-विश्लेषण में 20 क्लिनिकल अध्ययनों के आंकड़ों को देखा गया और मोरिंगा के सेवन के साथ फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और HbA1c में कुछ कमी का संबंध पाया गया। लेकिन शोधकर्ताओं ने खुद इसके प्रमाण को शुरुआती बताया और बेहतर गुणवत्ता वाले बड़े अध्ययनों की जरूरत बताई।
वहीं दूसरी ओर, एक रैंडमाइज्ड ट्रायल में टाइप-2 डायबिटीज वाले 32 लोगों को 4 सप्ताह तक मोरिंगा लीफ कैप्सूल दिए गए। उसमें फास्टिंग ग्लूकोज और HbA1c में नियंत्रण समूह की तुलना में महत्वपूर्ण अंतर नहीं मिला।
यानी सहजन ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मददगार हो सकता है, लेकिन इसे डॉक्टर की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
पाचन के लिए क्यों फायदेमंद हो सकते हैं?
सहजन के पत्तों में फाइबर होता है। पर्याप्त फाइबर वाला आहार सामान्य पाचन और नियमित मल त्याग में मदद करता है। इसलिए संतुलित डाइट में सहजन के पत्ते शामिल करना पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।
लेकिन बहुत ज्यादा मात्रा में सहजन खाने से उल्टा गैस, पेट में ऐंठन, मतली या दस्त जैसी परेशानी हो सकती है, खासकर जब अचानक अधिक मात्रा शुरू की जाए।
सहजन के पत्ते खाने का सही तरीका क्या है?
सहजन को सामान्य हरी सब्जी की तरह डाइट में शामिल करना सबसे आसान तरीका है।
आप इसे ऐसे खा सकते हैं:
- 🥗 सब्जी या साग बनाकर
- 🍲 दाल या सूप में मिलाकर
- 🌿 बारीक कटे ताजे पत्तों को अन्य सब्जियों के साथ पकाकर
- 🥄 सूखे पत्तों के पाउडर को सीमित मात्रा में भोजन में मिलाकर
मोरिंगा को सामान्य भोजन के रूप में इस्तेमाल करना सप्लीमेंट या अत्यधिक मात्रा में लेने से अलग है। विशेषज्ञ भी इसे सलाद, करी और अन्य भोजन में हरी सब्जी की तरह इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।
खाली पेट सहजन पाउडर लेना जरूरी नहीं
सहजन पाउडर को सुबह खाली पेट लेने को लेकर कई दावे इंटरनेट पर मिलते हैं, लेकिन इसे स्वास्थ्य लाभ के लिए जरूरी साबित करने वाले मजबूत प्रमाण नहीं हैं। इसे भोजन के साथ या भोजन में मिलाकर लेना अधिक व्यावहारिक है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर आप डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, तो नियमित रूप से बड़ी मात्रा में मोरिंगा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। मोरिंगा कुछ दवाओं के प्रभाव के साथ इंटरैक्ट कर सकता है।
गर्भावस्था में विशेष रूप से मोरिंगा के जड़, छाल और फूल से बचने की सलाह दी जाती है; सप्लीमेंट के रूप में लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
निष्कर्ष
सहजन के पत्ते पोषक और फाइबरयुक्त हरी सब्जी हैं और इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। ब्लड शुगर पर इनके संभावित लाभों के संकेत मिले हैं, लेकिन मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाण इतने मजबूत नहीं हैं कि सहजन को डायबिटीज के इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जाए।
डायबिटीज की दवा चल रही है तो उसे सहजन के लिए बंद या कम न करें। ब्लड शुगर में बदलाव हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा या डाइट में बदलाव करें।