मुंबई: त्योहारों से पहले दूध की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। मुंबई और आसपास के इलाकों में 1 सितंबर 2026 से ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत ₹9 प्रति लीटर बढ़ गई है। इसके साथ ही दूध का थोक भाव ₹93 से बढ़कर ₹102 प्रति लीटर हो गया है।
70 साल के इतिहास में सबसे बड़ी बढ़ोतरी
बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) के मुताबिक, यह उसकी करीब 70 साल की हिस्ट्री में सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी में से एक है। नई दर अगले छह महीने यानी 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।
क्यों बढ़ाए गए दूध के दाम?
दूध उत्पादकों और डेयरी संचालकों ने बढ़ती लागत को कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह बताया है। पिछले कुछ समय में पशु चारा, हरा चारा, चुनी-खली, परिवहन और पशुओं के रखरखाव का खर्च बढ़ा है। इन बढ़ती लागतों का असर दूध की थोक कीमत पर पड़ा है।
आम लोगों की जेब पर कितना असर?
यह बढ़ोतरी फिलहाल थोक कीमत में हुई है। खुदरा कीमत हर दुकानदार या सप्लायर के हिसाब से अलग हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, सीधे फार्म से मिलने वाले दूध की खुदरा कीमत कुछ जगहों पर ₹110 प्रति लीटर या उससे ज्यादा तक पहुंच सकती है।
दूध से बने सामान भी हो सकते हैं महंगे
दूध महंगा होने का असर सिर्फ रोजाना की चाय या दूध की खरीद तक सीमित नहीं रह सकता। दही, पनीर, मिठाई, आइसक्रीम और बेकरी उत्पादों की लागत भी बढ़ने की संभावना है। त्योहारों के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण इसका असर उपभोक्ताओं के बजट पर और ज्यादा पड़ सकता है।
पैकेट वाले हर दूध पर लागू नहीं
एक जरूरी बात यह है कि ₹9 की बढ़ोतरी मुंबई में डेयरी फार्म/तबेलों से आने वाले ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत से जुड़ी है। इसका मतलब यह नहीं है कि देशभर में सभी ब्रांड के पैकेट वाले दूध की कीमत भी ₹9 बढ़ गई है। अलग-अलग कंपनियों और सप्लायरों की खुदरा कीमतें अलग हो सकती हैं।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई इस बढ़ोतरी से मुंबई के परिवारों के साथ-साथ दूध पर निर्भर छोटे कारोबारों और मिठाई दुकानदारों की लागत भी बढ़ने की आशंका है।