नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के गोधनी इलाके में सोमवार तड़के क्लोरीन गैस के रिसाव से अफरा-तफरी मच गई। गोधनी क्षेत्र के एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से गैस लीक होने के बाद आसपास के इलाकों में फैल गई। गैस की चपेट में आने से 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
रात करीब 1 बजे हुआ गैस रिसाव
अधिकारियों के मुताबिक, घटना रात करीब 1 बजे हुई। शुरुआती जांच में पता चला कि प्लांट में रखा करीब 900 किलोग्राम क्षमता वाला क्लोरीन सिलेंडर लीक हो गया था। गैस आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई, जिसके बाद लोगों को खांसी, सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें होने लगीं।
40 से ज्यादा लोग अस्पताल पहुंचे
गैस की चपेट में आने वाले लोगों में प्लांट के कर्मचारी और आसपास रहने वाले लोग शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार करीब 8 से 10 प्लांट कर्मचारियों और 20 से 25 स्थानीय निवासियों के प्रभावित होने की शुरुआती जानकारी सामने आई। कुछ रिपोर्टों में अस्पताल में भर्ती लोगों की संख्या बाद में 50 से ज्यादा बताई गई है।
चार नाबालिगों को गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया था। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक उपचार करा रहे लोगों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है।
आसपास के घर खाली कराए गए
क्लोरीन गैस के रिहायशी इलाकों में फैलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्लांट के आसपास के करीब 200 मीटर क्षेत्र को खाली कराया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और प्रभावित इलाके को घेर दिया गया।
NDRF और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही NDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंचीं। NDRF के जवानों ने सुरक्षात्मक उपकरण पहनकर प्लांट में प्रवेश किया और गैस रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की।
रिपोर्टों के मुताबिक सुबह करीब 5:30 बजे रिसाव पर काबू पा लिया गया। इसके बाद प्रभावित सिलेंडर को पानी और कास्टिक सोडा वाले टैंक में डालकर बची हुई क्लोरीन को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
सिलेंडर की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद प्लांट में क्लोरीन सिलेंडर के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। नागपुर कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि 900 किलो के सिलेंडर में रिसाव कैसे हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में गैस की सांद्रता लगातार कम हो रही है। अधिकारियों ने लोगों से प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।