इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष का एक चर्चित अध्याय गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर फिर सामने आया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 सितंबर 2026 को UN महासभा में भाषण के दौरान एक पेजर हाथ में उठाया और 2024 में लेबनान में हुए पेजर धमाकों का जिक्र किया।
नेतन्याहू ने हिज्बुल्लाह पर तंज कसते हुए पूछा—“बीपर्स याद हैं?” इसके बाद उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह को ये पेजर निश्चित रूप से याद हैं। उन्होंने इस घटना को हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई के उदाहरण के तौर पर पेश किया।
क्या था 2024 का पेजर धमाका?
17 सितंबर 2024 को लेबनान और सीरिया के कुछ हिस्सों में हिज्बुल्लाह से जुड़े हजारों पेजर अचानक फट गए थे। इसके अगले दिन वॉकी-टॉकी और दूसरे संचार उपकरणों में भी धमाके हुए।
रिपोर्टों के मुताबिक, पहले दिन के धमाकों में 12 लोगों की मौत और करीब 2,800 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। बाद की घटनाओं में भी कई लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए। हिज्बुल्लाह ने इन हमलों के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था। बाद में इजरायल ने इस ऑपरेशन में अपनी भूमिका स्वीकार की।
नेतन्याहू ने पेजर क्यों दिखाया?
UN में नेतन्याहू अपने भाषण में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का बचाव कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इजरायल ने हमास और हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की और इसी संदर्भ में पेजर को मंच पर दिखाया।
उन्होंने हिज्बुल्लाह के हथियारों के जखीरे और नेतृत्व को हुए नुकसान का भी दावा किया। ये आंकड़े और दावे नेतन्याहू के भाषण का हिस्सा थे और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं लेना चाहिए।
UN में कई प्रतिनिधि बाहर भी निकले
नेतन्याहू के भाषण की शुरुआत के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि UN महासभा हॉल से बाहर निकल गए। इससे हॉल के कई हिस्से खाली नजर आए। नेतन्याहू ने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों की आलोचना की और उन्हें 'मोरल कायर' कहा।
पेजर ऑपरेशन बना इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष का प्रतीक
2024 के पेजर धमाकों ने हिज्बुल्लाह के सुरक्षित संचार नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। संगठन मोबाइल फोन की जगह पेजर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करता था, क्योंकि उन्हें ट्रैक करना अपेक्षाकृत कठिन माना जाता था। धमाकों के बाद हिज्बुल्लाह ने अपने संचार सुरक्षा तंत्र की समीक्षा की।
UN में पेजर दिखाकर नेतन्याहू ने इसी पुराने ऑपरेशन को वर्तमान संघर्ष और इजरायल की सैन्य क्षमता के संदर्भ में सामने रखा। उनका यह प्रदर्शन भाषण के सबसे चर्चित दृश्यों में से एक रहा।