संयुक्त राष्ट्र महासभा में 24 सितंबर 2026 को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण की शुरुआत विरोध और वॉकआउट के बीच हुई। नेतन्याहू जैसे ही मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधि अपनी सीटों से उठकर बाहर चले गए। हॉल में हूटिंग और विरोध की आवाजें भी सुनाई दीं।
भाषण शुरू होते ही कई प्रतिनिधि बाहर निकले
रॉयटर्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू के मंच पर पहुंचने के बाद दर्जनों प्रतिनिधि महासभा हॉल से बाहर चले गए। इनमें कई अरब और मुस्लिम देशों के प्रतिनिधि शामिल थे। रिपोर्टों में फ्रांस, ब्रिटेन, जॉर्डन, सीरिया, कतर और तुर्किये जैसे देशों द्वारा इजरायल की नीतियों की आलोचना का भी उल्लेख है।
हालांकि, '75 देशों ने आधिकारिक तौर पर बायकॉट किया'—इस दावे की उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों से स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती। इसलिए इसे निश्चित संख्या के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
नेतन्याहू बोले- 'मोरल कायर बाहर चले जाएं'
प्रतिनिधियों के बाहर जाने के बाद नेतन्याहू ने भाषण की शुरुआत में कहा कि अगर कोई और 'मोरल कायर' अभी भी हॉल में हैं तो वे भी बाहर चले जाएं। उनका यह बयान वॉकआउट कर रहे प्रतिनिधियों की ओर संकेत था।
इजरायली प्रतिनिधिमंडल के समर्थकों ने नेतन्याहू के भाषण के दौरान उनका समर्थन किया, जबकि बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया। UN महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान को कई बार सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
क्या 3 मिनट तक नेतन्याहू चुप रहे?
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि हूटिंग के बाद नेतन्याहू करीब 3 मिनट तक चुप खड़े रहे। हालांकि, उपलब्ध रॉयटर्स, AP/CBS और अन्य प्रमुख रिपोर्टों में इस अवधि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए इसे पक्के तथ्य के बजाय रिपोर्ट/वीडियो से जुड़ा दावा मानना अधिक उचित है।
नेतन्याहू ने भाषण में क्या कहा?
वॉकआउट के बावजूद नेतन्याहू ने अपना भाषण जारी रखा और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रहा है और दावा किया कि इजरायल की कार्रवाई से उन देशों को भी सुरक्षा मिलती है, जिनके प्रतिनिधि उस समय हॉल से बाहर चले गए थे।
उन्होंने ईरान, हमास और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर भी इजरायल का पक्ष रखा तथा अपने भाषण में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को सही ठहराने की कोशिश की। इन बयानों में कई दावे नेतन्याहू के राजनीतिक और सरकारी पक्ष के दावे थे, जिन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में अलग-अलग देखना जरूरी है।
विरोध की वजह क्या थी?
नेतन्याहू का UN भाषण ऐसे समय हुआ जब गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और पश्चिमी तट की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना तेज है। कई देशों ने हाल के दिनों में इजरायल की नीतियों की आलोचना की है।
इसी पृष्ठभूमि में कई प्रतिनिधियों ने नेतन्याहू के भाषण के दौरान वॉकआउट किया। रॉयटर्स ने इसे इजरायल के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और आलोचना के संदर्भ में रिपोर्ट किया।
निष्कर्ष: नेतन्याहू के UN भाषण के दौरान बड़े पैमाने पर वॉकआउट और विरोध हुआ—यह कई स्वतंत्र रिपोर्टों से पुष्ट है। लेकिन 75 देशों का आधिकारिक बायकॉट और ठीक 3 मिनट तक चुप रहने का दावा फिलहाल उतनी विश्वसनीय स्वतंत्र पुष्टि के साथ उपलब्ध नहीं है।