नेतन्याहू के भाषण के दौरान UNGA में हुआ वॉकआउट

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि सदन से बाहर चले गए। यह विरोध ऐसे समय हुआ जब गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और फिलिस्तीन के मुद्दे पर इजरायल की अंतरराष्ट्रीय आलोचना जारी है।

नेतन्याहू के मंच पर पहुंचने के बाद प्रतिनिधियों के बाहर जाने के दृश्य सामने आए। भाषण की शुरुआत में उन्होंने सदन में मौजूद लोगों से कहा कि यदि कोई और बाहर जाना चाहता है, तो जा सकता है।

77 देशों के बहिष्कार का दावा कहां से आया?

इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू के भाषण के दौरान 77 देशों के प्रतिनिधिमंडल या तो सदन में मौजूद नहीं थे या भाषण शुरू होने पर बाहर चले गए थे। इस सूची में सऊदी अरब, जॉर्डन, मिस्र, तुर्की, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल बताए गए।

हालांकि, इस आंकड़े को सावधानी से समझना जरूरी है। LiveMint की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की ओर से उन देशों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई, जिनके प्रतिनिधियों ने भाषण के दौरान वॉकआउट किया। इसलिए 77 का आंकड़ा इजरायल की ओर से की गई गिनती के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित है।

चार मुस्लिम-बहुल देश भाषण के दौरान मौजूद रहे

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चार मुस्लिम-बहुल देश ऐसे थे जिनके प्रतिनिधि नेतन्याहू के भाषण के दौरान सदन में मौजूद रहे:

  1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  2. बहरीन
  3. मोरक्को
  4. अजरबैजान

रिपोर्ट में इन देशों के इजरायल के साथ राजनयिक या रणनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया गया है। UAE, बहरीन और मोरक्को ने 2020 में अब्राहम समझौतों के तहत इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए थे। अजरबैजान के इजरायल के साथ रक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंध हैं।

हालांकि, किसी प्रतिनिधिमंडल का सदन में मौजूद रहना अपने आप में भाषण या इजरायल की नीतियों का समर्थन नहीं माना जा सकता। इसके लिए संबंधित सरकारों का आधिकारिक बयान या स्पष्ट समर्थन आवश्यक होगा।

नेतन्याहू ने वॉकआउट करने वालों पर क्या कहा?

भाषण के दौरान नेतन्याहू ने बाहर जा रहे प्रतिनिधियों पर टिप्पणी की और उन्हें “moral cowards” कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल अपनी सुरक्षा के साथ-साथ उन देशों की सुरक्षा में भी योगदान दे रहा है, जिनके प्रतिनिधि सदन से बाहर गए। ये नेतन्याहू के अपने राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी दावे थे।

वॉकआउट का राजनीतिक संदर्भ

नेतन्याहू के भाषण के दौरान हुआ वॉकआउट फिलिस्तीन और गाजा को लेकर जारी अंतरराष्ट्रीय मतभेदों की पृष्ठभूमि में हुआ। कई प्रतिनिधियों ने पहले भी UN मंच पर इजरायल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है। दूसरी ओर, इजरायल अपनी कार्रवाइयों को राष्ट्रीय सुरक्षा और हमलों के जवाब में उठाए गए कदमों के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।

निष्कर्ष

नेतन्याहू के UNGA भाषण के दौरान कई प्रतिनिधिमंडलों का बाहर जाना स्पष्ट रूप से दर्ज हुआ। इजरायली मीडिया ने 77 देशों के अनुपस्थित रहने या वॉकआउट करने का आंकड़ा दिया, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक देशवार सूची उपलब्ध नहीं है। UAE, बहरीन, मोरक्को और अजरबैजान के प्रतिनिधियों की मौजूदगी की रिपोर्ट आई, पर इसे स्वतः इजरायल के समर्थन के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।