भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन खास रहा। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange (NSE) के शेयरों ने आखिरकार शेयर बाजार में एंट्री कर ली। NSE का IPO सितंबर में निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रहा था, लेकिन लिस्टिंग के समय शेयर ने ग्रे मार्केट के मुकाबले अपेक्षाकृत कमजोर शुरुआत की।

₹1,785 के मुकाबले ₹1,800 पर लिस्ट

NSE के शेयर BSE पर ₹1,800 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए। इसका इश्यू प्राइस ₹1,785 था। यानी NSE शेयर ने करीब 0.84% प्रीमियम के साथ बाजार में शुरुआत की।

लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में NSE शेयर का प्रीमियम करीब 2% के आसपास बताया जा रहा था। इसलिए वास्तविक लिस्टिंग बाजार की शुरुआती उम्मीदों से कुछ कम रही।

IPO को मिला था 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन

NSE का IPO 17 से 21 सितंबर 2026 तक खुला था। ₹22,568 करोड़ के आसपास के इस इश्यू को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

सबसे ज्यादा मांग Qualified Institutional Buyers यानी QIB कैटेगरी से आई, जिसने अपने हिस्से को 12.68 गुना सब्सक्राइब किया। Non-Institutional Investors का हिस्सा 6.55 गुना और रिटेल हिस्सा 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ।

NSE की मार्केट वैल्यू ₹4.45 लाख करोड़ से ज्यादा

₹1,800 की लिस्टिंग कीमत पर NSE का बाजार पूंजीकरण करीब ₹4.45 लाख करोड़ से ज्यादा रहा। इसके साथ NSE भारत का दूसरा सूचीबद्ध स्टॉक एक्सचेंज बन गया।

तुलना के लिए, BSE का बाजार पूंजीकरण उस समय करीब ₹1.3 लाख करोड़ के आसपास था।

IPO था Offer for Sale

NSE का यह IPO सामान्य नए शेयर जारी करने वाला इश्यू नहीं था। यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) था। इसके तहत मौजूदा शेयरधारकों ने अपने शेयरों की बिक्री की। कुल 12.64 करोड़ तक इक्विटी शेयर ऑफर किए गए थे।

IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर था और एक लॉट में 8 शेयर थे।

लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी पर नजर

लिस्टिंग के बाद NSE के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान हलचल देखने को मिली। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि बाजार में डेब्यू के बाद शेयर किस स्तर पर स्थिर होता है।

NSE की कमाई में डेरिवेटिव कारोबार की बड़ी भूमिका रही है। वहीं, नियामकीय बदलावों और डेरिवेटिव ट्रेडिंग में हाल के बदलावों को लेकर बाजार में चर्चा भी रही है। Reuters के मुताबिक, NSE का कैश इक्विटी बाजार में करीब 93% और ऑप्शंस में करीब 75% हिस्सा है।

NSE के लिए ऐतिहासिक दिन

NSE की लिस्टिंग करीब एक दशक से चल रही उसकी सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी बनने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। IPO से पहले कंपनी को निवेशकों की ओर से मजबूत संस्थागत मांग मिली थी और अब बाजार में वास्तविक ट्रेडिंग शुरू हो चुकी है।

नोट: शेयर बाजार में कीमतें तेजी से बदलती हैं। ऊपर दिए गए लिस्टिंग आंकड़े 24 सितंबर 2026 के शुरुआती बाजार डेटा पर आधारित हैं। किसी शेयर की भविष्य की कीमत या रिटर्न की गारंटी नहीं दी जा सकती।