AI की दुनिया में सिर्फ बेहतर मॉडल बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें चलाने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण भी तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इसी दिशा में OpenAI ने अपनी खुद की कस्टम AI चिप विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
OpenAI ने अमेरिकी चिप कंपनी Broadcom के साथ मिलकर Jalapeño नाम की अपनी पहली कस्टम AI inference processor पेश की है। कंपनी के मुताबिक, इसे खास तौर पर बड़े भाषा मॉडल के inference workloads को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यानी जब कोई यूजर ChatGPT जैसे AI सिस्टम से सवाल पूछता है और मॉडल उस सवाल का जवाब तैयार करता है, उस प्रक्रिया को ज्यादा कुशल बनाने में यह चिप मदद कर सकती है।
आखिर खुद की चिप की जरूरत क्यों पड़ी?
OpenAI के लिए AI मॉडल चलाने की कंप्यूटिंग जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल बाजार में उपलब्ध सामान्य GPU पर निर्भर रहना महंगा और रणनीतिक रूप से सीमित करने वाला हो सकता है। कस्टम चिप डिजाइन करके कंपनी हार्डवेयर को अपने मॉडल और सॉफ्टवेयर की जरूरत के हिसाब से तैयार कर सकती है।
OpenAI ने बताया है कि उसके इंजीनियरों ने Jalapeño के आर्किटेक्चर को मेमोरी मूवमेंट, नेटवर्किंग और AI serving patterns जैसे उन पहलुओं के हिसाब से ऑप्टिमाइज किया है, जो उसके वास्तविक AI workloads के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Nvidia पर निर्भरता कम करना भी बड़ी वजह
AI चिप बाजार में Nvidia के GPU का दबदबा है। OpenAI भी बड़े पैमाने पर AI कंप्यूटिंग के लिए Nvidia समेत कई कंपनियों के हार्डवेयर का इस्तेमाल करता है। अपनी चिप विकसित करने से कंपनी को भविष्य में एक ही प्रमुख सप्लायर पर निर्भर रहने के बजाय कई तरह के कंप्यूटिंग विकल्प मिल सकते हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि OpenAI Nvidia को पूरी तरह छोड़ रहा है। बल्कि कस्टम चिप को अपने मौजूदा कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इस्तेमाल करने की रणनीति के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा।
लागत और ऊर्जा की बचत पर फोकस
AI मॉडल को बड़े पैमाने पर चलाने में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक कंप्यूटिंग लागत और बिजली की खपत है। कस्टम हार्डवेयर को किसी विशेष AI workload के लिए डिजाइन करने से अनावश्यक प्रोसेसिंग कम की जा सकती है और प्रति क्वेरी बेहतर efficiency हासिल करने की संभावना रहती है।
OpenAI और Broadcom ने 2025 में 10 गीगावाट तक के कस्टम AI accelerators और systems पर सहयोग की घोषणा की थी। कंपनी ने कहा था कि अपने चिप और सिस्टम डिजाइन करने से frontier AI मॉडल विकसित करने से मिली जानकारी को सीधे हार्डवेयर में शामिल किया जा सकता है।
AI की अगली जंग सिर्फ मॉडल की नहीं
OpenAI का यह कदम दिखाता है कि AI की प्रतिस्पर्धा अब सिर्फ कौन सबसे बेहतर मॉडल बनाता है, तक सीमित नहीं रह गई है। आने वाले समय में चिप, डेटा सेंटर, बिजली, नेटवर्किंग और कंप्यूटिंग लागत भी AI कंपनियों की सफलता में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
यानी OpenAI की अपनी AI चिप बनाने की कोशिश का मकसद सिर्फ Nvidia का विकल्प तैयार करना नहीं, बल्कि AI के पूरे कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा नियंत्रण हासिल करना है।