अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई नई वार्ता के बीच पाकिस्तान को बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका-ईरान बातचीत में पाकिस्तान को शामिल नहीं किया गया, जिससे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई है।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत को केवल अमेरिका और ईरान के बीच सीमित रखने का फैसला किया है। इससे पाकिस्तान की उस कोशिश को झटका लगा है, जिसमें वह क्षेत्रीय कूटनीति में अपनी भूमिका बढ़ाने की उम्मीद कर रहा था।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान लंबे समय से पश्चिम एशिया के मामलों में अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाने की कोशिश करता रहा है। हालांकि, मौजूदा दौर की वार्ता से बाहर रहने के कारण उसकी रणनीतिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का केंद्र परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव कम करने के उपाय हैं। पाकिस्तान की गैरमौजूदगी को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नोट: यह खबर शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित है। अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक बयानों के आधार पर आगे और जानकारी सामने आ सकती है।