तड़के गोलियों की आवाज से दहल उठा मनेर

पटना: बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट पर शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। करीब तीन घंटे तक चले घटनाक्रम ने आसपास के गांवों में दहशत पैदा कर दी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह अचानक लगातार गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। कई ग्रामीणों की नींद खुल गई। लोगों ने घरों से बाहर निकलने के बजाय अंदर ही रहना बेहतर समझा।

मुठभेड़ के दौरान 40 से ज्यादा राउंड फायरिंग होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन आरोपियों की मौत हो गई, जबकि मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार घायल हो गए।

पुलिस ने 18, अपराधियों ने 24 से ज्यादा राउंड चलाई गोलियां

पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस और बिहार STF की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि कुछ आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग शेरपुर गंगा घाट के आसपास जमा हैं और किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के पहुंचते ही आरोपियों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार के हाथ में गोली लगी।

SSP के मुताबिक, पुलिस की ओर से 18 राउंड फायरिंग की गई, जबकि अपराधियों ने 24 से 25 राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में तीन आरोपी घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कौन थे मुठभेड़ में मारे गए तीनों आरोपी?

मुठभेड़ में मारे गए तीन लोगों की पहचान जयप्रकाश यादव उर्फ जेपी यादव, बबलू कुमार और राजा शर्मा के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ हत्या, रंगदारी तथा आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज थे।

पुलिस ने यह भी दावा किया कि तीनों की मनेर में अष्टमी के दिन हुई पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू की हत्या में संलिप्तता सामने आई थी। इस मामले में जेपी यादव को मुख्य आरोपी बताया गया है।

युवक ने बताया- पेड़ के नीचे पड़े थे तीन शव

मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने वहां का मंजर देखकर हैरानी जताई। एक युवक के मुताबिक, घटनास्थल के पास पेड़ के नीचे तीन शव पड़े दिखाई दिए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि रात और सुबह के बीच हुई लगातार गोलीबारी से पूरा इलाका सहम गया था। कई लोगों को शुरुआत में यह समझ नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है।

हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान और पुलिस की आधिकारिक जानकारी को अलग-अलग समझना जरूरी है। मुठभेड़ के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

मुठभेड़ के बाद अस्पताल में भी हुआ हंगामा

तीनों आरोपियों की मौत की खबर फैलते ही उनके परिजन दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंच गए। पोस्टमार्टम के लिए शव अस्पताल लाए जाने के दौरान परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

परिजनों ने इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इसी दौरान एक युवक पर आरोप लगाया गया कि वह मृतकों में से एक को घर से बुलाकर ले गया था। इसके बाद अस्पताल परिसर में मारपीट और हंगामा शुरू हो गया।

बीच-बचाव करने पहुंचे दानापुर ASP अजीत कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक महिला पुलिसकर्मी और एक दरोगा को भी चोटें आईं।

पुलिस ने घटनास्थल से हथियार किए बरामद

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से दो पिस्टल, एक देसी कट्टा और कारतूस बरामद किए गए। कुछ अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।

उनकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है। घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।

तीनों शवों का AIIMS पटना में पोस्टमार्टम

मुठभेड़ को लेकर उठे सवालों और परिजनों के विरोध को देखते हुए तीनों शवों को कड़ी सुरक्षा के बीच पटना AIIMS भेजा गया। रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों की विशेष टीम की निगरानी में कराया जाना है।

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

मनेर में सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद शेरपुर और आसपास के इलाकों में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है। फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ मुठभेड़ से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

इस घटना ने एक ओर इलाके में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को लेकर चिंता बढ़ाई है, तो दूसरी ओर पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियों और परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी सामने आई है।

निष्कर्ष: मनेर के शेरपुर गंगा घाट पर हुई मुठभेड़ में तीन आरोपियों की मौत हुई और थानाध्यक्ष समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस इसे अपराधियों की फायरिंग के जवाब में की गई कार्रवाई बता रही है, जबकि मृतकों के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।