LoC के पास जुटे हजारों प्रदर्शनकारी

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। अवामी एक्शन कमेटी ने मंढोल गांव में सभा आयोजित की, जो LoC से करीब सात किलोमीटर दूर बताया गया है।

आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शन में लगभग 25 हजार लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने LoC से तारबंदी हटाने और भारत की ओर जाने के रास्ते खोलने की मांग उठाई।

'हमें भारत का रास्ता दो'

प्रदर्शन के दौरान कुछ वक्ताओं ने पाकिस्तान के नियंत्रण पर सवाल उठाते हुए भारत से जुड़ने की मांग रखी। सभा में LoC को लोगों के बीच आवाजाही और संपर्क में बाधा बताते हुए इसे हटाने की मांग भी की गई।

अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान पर क्षेत्र में आवश्यक राशन की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने PoK प्रशासन की भी आलोचना की और कहा कि स्थानीय सरकार लोगों की समस्याओं तथा सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जुड़े आरोपों पर प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठा रही है। ये आरोप प्रदर्शनकारियों और उनके नेताओं के बयान हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दी गई है।

आंदोलन के 110वें दिन प्रदर्शन की रिपोर्ट

ABP की 27 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन आंदोलन के 110वें दिन आयोजित हुआ था। आंदोलन 9 जून से जारी बताया गया है। कुछ खबरों और सोशल मीडिया पोस्टों में आंदोलन की अवधि अलग-अलग बताई जा रही है, इसलिए दिन की गिनती को लेकर रिपोर्टों में अंतर हो सकता है।

पाकिस्तान पर राशन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित की गई है। अवामी एक्शन कमेटी के नेताओं ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर भी सवाल उठाए।

सभा में यह दावा भी किया गया कि क्षेत्र की कुछ निर्वाचन सीटों पर चुनाव नहीं कराए जा सके हैं। इन दावों को प्रदर्शनकारियों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; उपलब्ध रिपोर्टों में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

PoK में असंतोष की पृष्ठभूमि

PoK में हाल के महीनों में महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, स्थानीय अधिकारों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। जून 2026 में रावलाकोट में भी प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की नीतियों का विरोध किया था और क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए थे।

आगे क्या?

मंढोल में हुए प्रदर्शन से यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में पाकिस्तान के प्रशासन और नीतियों को लेकर असंतोष के मुद्दे सार्वजनिक सभाओं में उठाए जा रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की मांगों, उनकी संख्या और लगाए गए आरोपों को आयोजकों तथा संबंधित पक्षों के बयानों के संदर्भ में समझना जरूरी है।

निष्कर्ष:

PoK में अवामी एक्शन कमेटी के प्रदर्शन के दौरान LoC की तारबंदी हटाने, भारत की ओर जाने के रास्ते खोलने और स्थानीय मुद्दों पर कार्रवाई की मांग उठी। आयोजकों ने सभा में करीब 25 हजार लोगों की मौजूदगी का दावा किया। आंदोलन और आरोपों से जुड़े सभी आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।