वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला चर्चा में है। 25 सितंबर 2026 को वराह घाट क्षेत्र स्थित गुरु कृपा कुंज भवन में वह चौथी मंजिल से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
CCTV फुटेज में क्या दिखाई दिया?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने भवन में लगे CCTV कैमरों की फुटेज हासिल की है। फुटेज में दीपक को कमरे से निकलकर सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर जाते और बाद में छत से नीचे गिरते देखा गया। कुछ रिपोर्टों में कमरे से निकलने और छत से गिरने के बीच लगभग 11 मिनट का अंतर बताया गया है।
पुलिस ने CCTV रिकॉर्डिंग और DVR को जांच के लिए कब्जे में लिया है। फुटेज से घटना से पहले की गतिविधियों का क्रम समझने की कोशिश की जा रही है।
कमरे से मिला ग्राइंडर, शरीर पर चोटों के निशान
पुलिस को दीपक के कमरे से खून के निशान वाला ग्राइंडर मिला है। रिपोर्टों में उनके शरीर पर कई चोटों और निजी अंग पर गंभीर चोट की जानकारी दी गई है। इन परिस्थितियों के कारण पुलिस केवल एक ही संभावना पर निर्भर रहने के बजाय घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम में मौत का कारण क्या बताया गया?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में अत्यधिक रक्तस्राव यानी हेमरेजिक शॉक को मौत का कारण बताया गया है। शरीर पर सिर, हाथ-पैर और अन्य हिस्सों में चोटों का भी उल्लेख हुआ है। हालांकि, पोस्टमार्टम से मृत्यु का चिकित्सकीय कारण सामने आना और घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट होना अलग-अलग बातें हैं।
परिजनों ने क्या कहा?
परिजनों ने पुलिस से मामले की जांच कराने की मांग की है। परिवार के एक सदस्य ने मीडिया को बताया कि वे दीपक से मिलने के लिए आश्रम आते थे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाती थी। परिवार ने यह भी कहा कि लंबे समय से दीपक का उनसे संपर्क सीमित था। ये परिजनों के बयान हैं; इनसे अपने आप किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी साबित नहीं होती।
साथ रहने वाले साधक से भी पूछताछ
पुलिस ने भवन में दीपक के साथ रहने वाले साधक से पूछताछ की है। साथ ही मोबाइल फोन, CCTV फुटेज और घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, परिजनों की ओर से प्रार्थना पत्र भी मिला है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
क्या तीन शिष्यों ने मौत का कारण बता दिया?
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और सुर्खियों में तीन शिष्यों के बयान को लेकर दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में ऐसा कोई पुष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है कि तीन शिष्यों ने मिलकर मौत का कारण स्पष्ट कर दिया हो। अब तक सामने आए बयानों और पुलिस की शुरुआती जानकारी से घटना की पूरी वजह तय नहीं होती।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
इस मामले में फिलहाल CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक जांच और संबंधित लोगों के बयान अहम होंगे। पुलिस ने घटना की परिस्थितियों की जांच जारी रखी है। इसलिए मौत को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष या आरोप को जांच पूरी होने से पहले तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
निष्कर्ष:
रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने अत्यधिक रक्तस्राव को मृत्यु का कारण बताया है, जबकि CCTV और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच जारी है। घटना से पहले की परिस्थितियां और चोटों का पूरा क्रम अभी जांच का विषय है।