अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मामले में SIT की जांच और उसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। योगी ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई को लेकर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।

अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से मामले में जांच की सिफारिश की गई थी, जिसके बाद SIT गठित की गई। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कार्रवाई चल रही है और सरकार तथा ट्रस्ट इस मामले में कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान इतिहास और एकता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल गौरव का विषय नहीं बल्कि गलतियों से सीखने का माध्यम भी है। उनके मुताबिक, अतीत में समाज की एकता की कमी का नुकसान हुआ और इसलिए वर्तमान पीढ़ी को इससे सबक लेना चाहिए।

अपने संबोधन में योगी ने कहा कि "हम बंटे थे, इसलिए कटे थे" और इसी संदर्भ में उन्होंने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उस समय समाज एकजुट होता तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच अब ट्रस्ट के गठन के समय यानी वित्तीय वर्ष 2020-21 से जुड़े रिकॉर्ड तक पहुंच गई है और पुराने कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

अब इस पूरे मामले में नजर SIT की जांच और उसकी रिपोर्ट पर है, जिससे चढ़ावे और मंदिर से जुड़ी संपत्तियों को लेकर उठ रहे सवालों की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।