राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है। राशन की दुकान पर अनाज लेने के दौरान फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की परेशानी से अब काफी हद तक राहत मिल सकती है। 1 अक्टूबर 2026 से e-PDS में फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा शुरू की गई है, जिसके तहत लाभार्थी की पहचान चेहरे के जरिए भी सत्यापित की जा सकेगी।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट की व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है। फेस ऑथेंटिकेशन को एक अतिरिक्त विकल्प के तौर पर जोड़ा गया है। खासकर उन मामलों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जब लाभार्थी का फिंगरप्रिंट मशीन पर मैच नहीं हो पाता।

कैसे काम करेगा फेस ऑथेंटिकेशन?

नई व्यवस्था में राशन की दुकान पर लगी e-PoS मशीन में उपलब्ध कैमरे के जरिए लाभार्थी के चेहरे की पहचान की जा सकेगी। यह पहचान आधार डेटाबेस में उपलब्ध जानकारी से सत्यापित की जाएगी।

अगर किसी व्यक्ति का फिंगरप्रिंट बार-बार मैच नहीं होता है, तो उपलब्ध होने पर वह फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प इस्तेमाल कर सकेगा। सत्यापन सफल होने के बाद राशन वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

बुजुर्गों और मजदूरों को मिल सकती है राहत

फिंगरप्रिंट आधारित सत्यापन में कई बार तकनीकी समस्या आती है। खासकर बुजुर्गों में उंगलियों के निशान हल्के होने या लगातार मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों के हाथों की त्वचा में बदलाव के कारण मशीन फिंगरप्रिंट पढ़ने में परेशानी कर सकती है।

ऐसे लाभार्थियों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन एक वैकल्पिक पहचान माध्यम बन सकता है।

क्या हर राशन दुकान पर अभी यह सुविधा मिलेगी?

जरूरी नहीं। फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल उन्हीं राशन दुकानों पर किया जा सकेगा जहां संबंधित e-PoS मशीन और सिस्टम में जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट और कैमरा सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। इसलिए शुरुआत में सभी दुकानों पर यह सुविधा एक साथ उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।

क्या फिंगरप्रिंट की जरूरत पूरी तरह खत्म हो गई?

नहीं। फिलहाल ऐसा कहना सही नहीं होगा कि राशन लेने के लिए अंगूठा या फिंगरप्रिंट पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य फिंगरप्रिंट के साथ फेस ऑथेंटिकेशन को एक वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराना है।

इससे उन लाभार्थियों को विशेष राहत मिल सकती है जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार असफल हो जाता है।

राशन वितरण को आसान बनाने की कोशिश

e-PDS के जरिए राशन वितरण और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से संचालित किया जाता है। फेस ऑथेंटिकेशन को इसमें शामिल करने का उद्देश्य पहचान की प्रक्रिया को आसान बनाना और तकनीकी कारणों से होने वाली परेशानियों को कम करना है।

राशन कार्ड धारकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि नई सुविधा फिंगरप्रिंट का पूर्ण विकल्प नहीं बल्कि उपलब्ध होने पर अतिरिक्त सत्यापन विकल्प है। इसलिए राशन लेने से पहले अपने क्षेत्र की राशन दुकान पर यह सुविधा सक्रिय है या नहीं, इसकी जानकारी लेना बेहतर होगा।