मतदान से पहले RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस
पटना, बिहार: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान से पहले पटना में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। गुरुवार देर रात पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह के आवास पर पुलिस की टीम पहुंची। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस का काफिला करीब सात गाड़ियों के साथ वहां पहुंचा।
इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। डॉ. संजीव ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव से ठीक पहले परेशान किया जा रहा है।
पुलिस ने घर पहुंचने की क्या वजह बताई?
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों को सूचना मिली थी कि डॉ. संजीव के आवास पर कुछ लोग ठहरे हुए हैं, जो कथित तौर पर चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस वहां पहुंची।
डॉ. संजीव ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना सर्च वारंट के उनके घर की तलाशी लेने पहुंची थी। उन्होंने इस कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठाए। हालांकि, तलाशी के लिए वारंट की आवश्यकता और कार्रवाई की वैधता परिस्थितियों तथा लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करती है। इस मामले में उपलब्ध रिपोर्टों से किसी न्यायिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं होती।
कुछ देर तक बातचीत और विवाद के बाद पुलिस की टीम आवास से लौट गई। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना
RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस के पास सर्च वारंट था और मतदान से ठीक पहले उम्मीदवार के आवास पर इस तरह पहुंचने की जरूरत क्यों पड़ी।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य विपक्षी उम्मीदवार को दबाव में लाना था। उन्होंने कहा कि RJD के नेता और कार्यकर्ता ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
ये राजनीतिक आरोप हैं। पुलिस की कार्रवाई के उद्देश्य और कानूनी आधार पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष और उपलब्ध दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे।
बिहार MLC चुनाव से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान 23 अक्टूबर को निर्धारित था। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से RJD के डॉ. संजीव कुमार सिंह का मुकाबला BJP के नवल किशोर यादव से था।
चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना ने प्रशासनिक निष्पक्षता, उम्मीदवारों के अधिकार और चुनाव के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी। हालांकि, केवल इस घटना के आधार पर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने या किसी पक्ष द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
निष्कर्ष
पटना में RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह के आवास पर पुलिस के पहुंचने की घटना मतदान से पहले विवाद का विषय बन गई। उम्मीदवार ने बिना सर्च वारंट कार्रवाई करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने चुनाव को प्रभावित किए जाने की आशंका से जुड़ी सूचना मिलने की बात कही। अब मामले में पुलिस का विस्तृत पक्ष और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज अहम होंगे।
अस्वीकरण: यह समाचार 23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। उम्मीदवार और राजनीतिक नेताओं के आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।