मदीना के बिजली स्टेशन पर ड्रोन हमले का आरोप

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूती विद्रोहियों पर सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में बिजली वितरण स्टेशन पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया है। गठबंधन के अनुसार, यह स्टेशन पैगंबर मुहम्मद की मस्जिद—मस्जिद-ए-नबवी—को बिजली उपलब्ध कराने वाली सुविधाओं में शामिल है।

गठबंधन के प्रवक्ता के मुताबिक, हमला 29 सितंबर की सुबह तैबा बिजली वितरण स्टेशन पर हुआ। घटना की जानकारी 1 अक्टूबर को सार्वजनिक की गई।

एक ट्रांसफॉर्मर हुआ बंद, बिजली नेटवर्क पर असर नहीं

सऊदी गठबंधन के अनुसार, हमले में स्टेशन का एक ट्रांसफॉर्मर सेवा से बाहर हो गया। हालांकि, इससे व्यापक बिजली नेटवर्क प्रभावित नहीं हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों में मस्जिद-ए-नबवी की बिजली आपूर्ति बाधित होने या मस्जिद को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं है।गठबंधन ने कहा कि ड्रोन के मलबे और घटना की जांच के आधार पर हूतियों की संलिप्तता का निष्कर्ष निकाला गया है। यह सऊदी गठबंधन का दावा है; इसे स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

हूतियों ने आरोप को बताया गलत

हूती मीडिया के हवाले से एक सैन्य सूत्र ने हमले में संगठन की भूमिका से इनकार किया। हूती पक्ष ने सऊदी गठबंधन के आरोप को झूठा बताया और कहा कि इसे मक्का पर पहले लगाए गए आरोपों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

इस तरह, घटना को लेकर सऊदी गठबंधन और हूती पक्ष के बयान एक-दूसरे के विपरीत हैं।

पवित्र स्थलों की सुरक्षा को लेकर बढ़ा तनाव

सऊदी गठबंधन ने आरोप लगाया कि यह हमला पवित्र स्थलों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिशों का हिस्सा है। गठबंधन ने मक्का और मदीना में धार्मिक स्थलों तथा वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा के लिए कदम जारी रखने की बात कही।

मदीना में कथित हमले के बाद यमन की राजधानी सना और अन्य क्षेत्रों में सऊदी हमलों की खबरें भी सामने आईं। इन हमलों की तत्काल स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं थी।

क्षेत्र में फिर बढ़ा संघर्ष का खतरा

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद काफी हद तक कम हुआ था। हालिया घटनाओं को उस संघर्षविराम के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव के रूप में देखा जा रहा है।

निष्कर्ष:

सऊदी गठबंधन ने मदीना के तैबा बिजली वितरण स्टेशन पर ड्रोन हमले के लिए हूतियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि हूती पक्ष ने आरोप खारिज किया है। गठबंधन के मुताबिक, एक ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुआ, लेकिन बिजली नेटवर्क पर व्यापक असर नहीं पड़ा। फिलहाल मस्जिद-ए-नबवी को नुकसान या उसकी बिजली आपूर्ति बाधित होने की पुष्टि नहीं हुई है।