UN मुख्यालय पहुंचते ही पूछा गया आतंकवाद पर सवाल

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में शामिल होने पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्रकारों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश करते समय उनसे पूछा गया—“प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?”

शहबाज शरीफ ने सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।

हाफिज सईद पर भी जवाब नहीं

UN मुख्यालय से बाहर निकलते समय पत्रकारों ने शरीफ से दोबारा सवाल किया। इस बार सवाल सीधे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) प्रमुख हाफिज सईद को लेकर था—“आप हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?”

रिपोर्टों के अनुसार, शरीफ ने इस सवाल का भी कोई जवाब नहीं दिया और बिना प्रतिक्रिया दिए आगे निकल गए। दोनों घटनाओं के वीडियो भी सामने आए हैं।

कौन है हाफिज सईद?

हाफिज मोहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक रहा है और भारत में उसे UAPA के तहत नामित आतंकवादी किया गया है। भारत में वह 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मामले में वांछित आरोपी है।

इसके अलावा, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सईद को आरोपी बनाया है। यह NIA की जांच और आरोप हैं; इन आरोपों को अदालत में सिद्ध होना बाकी है।

सवाल ऐसे समय उठा जब भारत ने UN में पाकिस्तान को घेरा

शहबाज शरीफ से ये सवाल ऐसे समय पूछे गए जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।

भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान से आतंकवाद और दूसरे देशों के मामलों पर ध्यान देने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था और घरेलू चुनौतियों पर ध्यान देने की बात कही। भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।

शरीफ की चुप्पी बनी चर्चा का विषय

हाफिज सईद पर सवाल पूछे जाने के बाद शहबाज शरीफ का बिना जवाब दिए आगे बढ़ जाना सोशल मीडिया और भारतीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शरीफ ने सवाल का कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया; इससे आगे उनकी मंशा या किसी कानूनी कार्रवाई के संबंध में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

निष्कर्ष:

UNGA के दौरान शहबाज शरीफ से आतंकवाद और हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर दो बार सवाल किया गया। उपलब्ध वीडियो और कई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दोनों सवालों का जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।