UNGA में हूती हमलों पर शहबाज शरीफ का बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में यमन के हूती समूह द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना जैसे इस्लाम के पवित्र शहरों की पवित्रता को खतरा पहुंचाना ऐसी रेड लाइन है, जिसे कभी पार नहीं किया जाना चाहिए।
शरीफ ने सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की एकजुटता जताई और कहा कि मक्का के ऊपर यमनी ड्रोन को रोकने की घटना ने दुनिया भर के मुसलमानों को आक्रोशित किया।
क्या है मक्का पर ड्रोन हमले का मामला?
सितंबर में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले नष्ट कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता ने मक्का की सुरक्षा को रेड लाइन बताया था।
हालांकि, हूती समूह ने मक्का या अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज किया और इन्हें झूठा बताया। इसलिए ड्रोन के कथित लक्ष्य को लेकर सऊदी पक्ष के दावे और हूतियों के इनकार को अलग-अलग समझना जरूरी है।
'मक्का समझौते' का भी किया जिक्र
अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि सामूहिक रक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए है।
25 सितंबर को तीनों देशों के सैन्य प्रमुखों की रियाद में बैठक भी हुई। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इसमें खुफिया जानकारी साझा करने, सैन्य समन्वय और सामूहिक रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
क्या पाकिस्तान और तुर्किये सऊदी अरब की सैन्य मदद करेंगे?
समझौते और सैन्य प्रमुखों की बैठक के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान और तुर्किये हूतियों के साथ सऊदी अरब के संघर्ष में किस स्तर की मदद करेंगे। तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने एक साक्षात्कार में संभावित सहायता के रूप में खुफिया जानकारी, लॉजिस्टिक सहयोग और गोला-बारूद का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि अधिक व्यापक सैन्य सहायता खतरे के स्तर पर निर्भर करेगी।
होर्मुज और बाब-अल-मंदेब पर भी बोले शरीफ
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्गों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन समुद्री मार्गों को सुरक्षित और खुला रहना चाहिए।
उन्होंने ईरान के साथ संघर्ष, क्षेत्रीय तनाव और कूटनीति की जरूरत का भी उल्लेख किया।
निष्कर्ष
UNGA में शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब पर हूती हमलों की निंदा करते हुए मक्का और मदीना की सुरक्षा को पाकिस्तान के लिए संवेदनशील मुद्दा बताया। उन्होंने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का समर्थन दोहराया, लेकिन पाकिस्तान और तुर्किये की ओर से किसी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की। वहीं, मक्का को निशाना बनाने के आरोपों को हूती समूह ने खारिज किया है।