पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद बढ़ा तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में हवाई हमले किए। इसके बाद तालिबान सरकार के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी को चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान को कमतर आंकना भारी पड़ सकता है।

'दो दिन में पेशावर में अफगान झंडा फहरा सकते हैं'

अफगानिस्तान के कार्यवाहक सीमा एवं जनजातीय मामलों के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने काबुल में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पाकिस्तान को अफगान लोगों के इतिहास, विचारधारा और राजनीतिक अनुभव को समझना चाहिए।

रिपोर्टों के मुताबिक, नूरी ने दावा किया कि यदि तालिबान सरकार चाहे तो दो दिन के भीतर पाकिस्तान के पेशावर में अफगान झंडा फहरा सकती है। उन्होंने पाकिस्तान को अफगानिस्तान के धैर्य की परीक्षा न लेने की चेतावनी भी दी। यह उनका बयान और दावा है; इसे किसी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं माना जा सकता।

अफगानिस्तान ने 9 नागरिकों की मौत का दावा किया

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी विमानों ने कुनार प्रांत के चुगाम और हेलमंद प्रांत के सफर इलाके में घरों को निशाना बनाया। अफगान पक्ष का दावा है कि हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 9 नागरिकों की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए। तीन घरों के क्षतिग्रस्त होने की बात भी कही गई।

वहीं पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायुसेना ने दो स्थानों पर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में 22 आतंकियों के मारे जाने और हथियारों व गोला-बारूद के भंडार नष्ट होने की जानकारी मिली है। दोनों पक्षों के हताहतों संबंधी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच क्यों बढ़ रहा है विवाद?

पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार अपनी जमीन पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों को पनाह दे रही है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। काबुल इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा समस्या के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

हालिया तनाव से पहले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक पुलिस ठिकाने पर हुए हमले में 24 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सीमा पार सैन्य कार्रवाई तेज हुई।

पहले भी हो चुकी हैं सीमा पार हवाई कार्रवाई

सितंबर में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए थे। इस्लामाबाद ने उन्हें आतंकवादी ठिकानों और ड्रोन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई बताया, जबकि अफगान अधिकारियों ने नागरिकों के मारे जाने के आरोप लगाए। दोनों देशों के बीच पहले चीन की मध्यस्थता से संघर्षविराम की कोशिश भी हुई थी, लेकिन सीमा सुरक्षा और सशस्त्र समूहों को लेकर विवाद कायम है।

बयान से बढ़ी कूटनीतिक और सैन्य चिंता

पेशावर में अफगान झंडा फहराने संबंधी नूरी का बयान दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव के बीच आया है। हालांकि, फिलहाल यह बयान चेतावनी और राजनीतिक बयानबाजी के रूप में सामने आया है। किसी आसन्न अफगान सैन्य अभियान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

निष्कर्ष:

पाकिस्तान के ताजा हवाई हमलों के बाद तालिबान मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पेशावर में दो दिन के भीतर अफगान झंडा फहराने की बात कहकर इस्लामाबाद को चेतावनी दी है। जहां अफगानिस्तान ने नागरिकों की मौत का आरोप लगाया है, वहीं पाकिस्तान ने आतंकियों को निशाना बनाने का दावा किया है। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।