अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास धमाके की खबर ने नई चिंता पैदा कर दी है। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न्यूयॉर्क में ईरान के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बता रहे थे।
23 सितंबर 2026 को ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क़ेश्म द्वीप के पास धमाके की आवाज सुनी गई। ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल धमाके के कारण और उससे हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप बोले- बहुत अच्छी रही बातचीत
UN General Assembly के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधियों और ईरानी पक्ष के बीच हुई बातचीत को “very good” और “very productive” बताया। रिपोर्टों के मुताबिक बातचीत करीब तीन घंटे चली और आगे भी बातचीत जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।
अमेरिकी पक्ष की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर बातचीत में शामिल थे। हालांकि, बातचीत सीधे आमने-सामने हुई या मध्यस्थों के जरिए, इसको लेकर अमेरिकी और ईरानी विवरणों में अंतर रहा है। ईरान ने बताया कि उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची और विटकॉफ के बीच कतर की मध्यस्थता से संपर्क हुआ।
तभी क़ेश्म द्वीप के पास धमाके
बातचीत के बीच ईरान के क़ेश्म द्वीप के आसपास जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। क़ेश्म द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक स्थित है और इस इलाके का समुद्री व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से रणनीतिक महत्व है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमाका किस वजह से हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी हमले या किसी विशेष पक्ष की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए धमाके को सीधे अमेरिका-ईरान वार्ता से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी।
बातचीत में होर्मुज सबसे अहम मुद्दा
अमेरिका-ईरान संपर्क में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना प्रमुख मुद्दों में शामिल है। ईरान ने पहले संकेत दिया था कि अमेरिकी सैन्य दबाव कम होने और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटने की स्थिति में वह करीब 7 दिनों के भीतर होर्मुज को फिर खोल सकता है।
ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि उसकी शर्तों में युद्ध और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई रोकना, नौसैनिक नाकेबंदी हटाना और ईरान की जमी हुई संपत्तियों को जारी करना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
गल्फ देशों से भी ट्रंप की चर्चा
इसी दौरान ट्रंप ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के नेताओं और अन्य क्षेत्रीय नेताओं से भी मुलाकात की। चर्चा में ईरान के साथ तनाव, क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज के जरिए समुद्री आवाजाही बहाल करने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
होर्मुज दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में से एक है। इस रास्ते में लंबे समय तक व्यवधान से तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
क्या बातचीत से तनाव कम होगा?
फिलहाल बातचीत से किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर गंभीर मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया है, जबकि ईरान ने साफ किया है कि उसकी प्रमुख शर्तों में अभी बदलाव नहीं हुआ है।
ऐसे में एक तरफ कूटनीतिक बातचीत और दूसरी तरफ होर्मुज के पास धमाके इस पूरे घटनाक्रम को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं। धमाके की वजह और नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इसका क्षेत्रीय तनाव पर क्या असर पड़ता है।