ईरान युद्ध बना ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब सिर्फ विदेश नीति का मुद्दा नहीं रह गया है। नवंबर 2026 के मिड-टर्म चुनाव से पहले यह अमेरिकी घरेलू राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
हालिया Reuters/Ipsos सर्वे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 32% दर्ज की गई, जो उनके राष्ट्रपति कार्यकाल का सबसे निचला स्तर बताया गया। रिपब्लिकन मतदाताओं के बीच भी ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग पिछले सप्ताह के 82% से घटकर 73% रह गई।
रिपब्लिकन सांसदों में युद्ध को लेकर मतभेद
ईरान युद्ध को लेकर रिपब्लिकन सांसदों का एक वर्ग अब सैन्य अभियान की अवधि और उसके उद्देश्यों पर सवाल उठा रहा है।
15 सितंबर को अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया, जिसका उद्देश्य ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सीमित करना था। इस वोट में 7 रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर प्रस्ताव का समर्थन किया।
इसके बाद रिपब्लिकन खेमे में असहमति के संकेत और स्पष्ट हुए। Iowa के रिपब्लिकन सांसद Zach Nunn और Mariannette Miller-Meeks ने भी प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पहले इसी तरह के प्रयासों के खिलाफ मतदान कर चुके थे।
सीनेट में भी युद्ध के उद्देश्यों पर सवाल
रिपोर्टों के मुताबिक कुछ रिपब्लिकन सीनेटर प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि युद्ध का अंतिम उद्देश्य क्या है और इसे खत्म करने की रणनीति क्या है।
सीनेटरों की चिंता का एक बड़ा हिस्सा युद्ध की आर्थिक कीमत और ईंधन की बढ़ती कीमतों से जुड़ा है। युद्ध के कारण तेल आपूर्ति और परिवहन लागत पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर अमेरिकी उपभोक्ताओं और कारोबार पर पड़ रहा है।
चुनावी राज्यों में बढ़ी चिंता
मिड-टर्म चुनाव में रिपब्लिकन सांसदों के लिए उन राज्यों और जिलों में ईंधन की कीमतें महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती हैं, जहां ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है।
Reuters के मुताबिक, Michigan और Iowa जैसे राज्यों में चुनाव लड़ रहे कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने ईरान युद्ध को जल्द समाप्त करने की जरूरत पर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया है। Mike Rogers और Ashley Hinson ने 21 सितंबर को युद्ध को जल्द खत्म करने की मांग की।
Ashley Hinson का रुख खास तौर पर उल्लेखनीय रहा क्योंकि उन्होंने पहले ट्रंप को सैन्य कार्रवाई जारी रखने की शक्ति सीमित करने वाले कई प्रस्तावों का विरोध किया था।
ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी
युद्ध के बीच अमेरिका में डीजल और गैसोलीन की कीमतों में बढ़ोतरी ने रिपब्लिकन नेताओं की चिंता बढ़ाई है।
Financial Times के अनुसार, अमेरिकी डीजल की कीमत सितंबर में रिकॉर्ड $6.51 प्रति गैलन तक पहुंच गई। कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने घरेलू कीमतों को कम करने के लिए अमेरिकी डीजल निर्यात पर अस्थायी रोक जैसे उपायों की मांग की है।
यह मुद्दा खास तौर पर किसानों और ट्रकिंग सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डीजल की कीमत सीधे परिवहन और कृषि लागत को प्रभावित करती है।
ट्रंप की पार्टी में पूरी तरह बगावत नहीं
हालांकि रिपब्लिकन पार्टी में असहमति बढ़ने के संकेत हैं, लेकिन इसे ट्रंप के खिलाफ पूरी पार्टी की एकजुटता के रूप में देखना सही नहीं होगा।
कई रिपब्लिकन सांसद अभी भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हैं। जुलाई में भी रिपब्लिकन सांसदों के एक बड़े हिस्से ने ट्रंप के रुख का समर्थन किया था।
यानी पार्टी के भीतर मुख्य बहस यह है कि युद्ध कब और कैसे खत्म किया जाए, इसकी कीमत कितनी हो रही है और कांग्रेस की सैन्य निर्णयों में क्या भूमिका होनी चाहिए।
ट्रंप के लिए मिड-टर्म चुनाव क्यों अहम?
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिड-टर्म चुनाव होने हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट की सीटों के लिए मतदान होगा।
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के डलास मिड-टर्म कन्वेंशन में चुनाव को अपने नेतृत्व पर जनमत संग्रह की तरह पेश करने की अपील की थी।
ऐसे में ईरान युद्ध, महंगाई और ईंधन की कीमतें रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे बन गए हैं।
व्हाइट हाउस भी चुनावी दबाव से वाकिफ
सितंबर की शुरुआत में Reuters ने रिपोर्ट किया था कि ट्रंप प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारी नवंबर के चुनाव से पहले ईरान युद्ध को और ज्यादा बढ़ने से रोकना चाहते हैं। रिपोर्ट में इसे रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर संभावित चुनावी नुकसान के जोखिम से जोड़कर देखा गया था।
हालांकि, युद्ध को सीमित रखने की यह रणनीति संघर्ष के मैदान पर होने वाले घटनाक्रमों पर निर्भर करती है और इसे स्थायी नीति या अंतिम निर्णय नहीं माना गया था।
क्या रिपब्लिकन पार्टी में टूट हो रही है?
फिलहाल उपलब्ध घटनाक्रमों से रिपब्लिकन पार्टी में ईरान युद्ध को लेकर मतभेद बढ़ने के संकेत मिलते हैं, लेकिन इसे पार्टी में औपचारिक टूट कहना जल्दबाजी होगी।
एक तरफ ट्रंप और उनके समर्थक ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव को जारी रखने की नीति पर हैं, वहीं कुछ रिपब्लिकन सांसद युद्ध की अवधि, लागत, ईंधन कीमतों और कांग्रेस की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
नवंबर के मिड-टर्म चुनाव से पहले यह बहस कितनी महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका निभाती है, यह आने वाले हफ्तों के घटनाक्रम और मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा।
एक नजर में
- 🇺🇸 मुद्दा: ईरान युद्ध
- 👤 अमेरिकी राष्ट्रपति: डोनाल्ड ट्रंप
- 🏛️ पार्टी: रिपब्लिकन
- 🗳️ मिड-टर्म चुनाव: 3 नवंबर 2026
- ⚔️ मुख्य विवाद: युद्ध की अवधि और सैन्य कार्रवाई की सीमा
- ⛽ बड़ी चिंता: तेल, गैसोलीन और डीजल की कीमतें
- 📉 हालिया Reuters/Ipsos ट्रंप अप्रूवल: 32%
- 🏛️ 15 सितंबर हाउस वोट: 7 रिपब्लिकन ने ईरान युद्ध सीमित करने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया
- ⚠️ स्थिति: रिपब्लिकन पार्टी में युद्ध को लेकर मतभेद बढ़े हैं, लेकिन पार्टी का पूरा समर्थन ट्रंप से हटने का प्रमाण नहीं है।