चुनाव से पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई सीमित रखने की चर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर वॉशिंगटन में चुनावी समय-सीमा महत्वपूर्ण होती दिखाई दे रही है। Reuters की 2 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान के साथ संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

रिपोर्ट में चार ऐसे लोगों का हवाला दिया गया है जिन्हें प्रशासन के भीतर चल रही चर्चाओं की जानकारी है। उनके मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी 3 नवंबर के चुनाव के बाद सैन्य कार्रवाई बढ़ाने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्ण स्तर पर युद्ध फिर शुरू होना निश्चित नहीं है।

ट्रंप बोले—चुनाव के तुरंत बाद खत्म हो सकता है युद्ध

ट्रंप ने 9 सितंबर को कहा था कि उन्हें लगता है ईरान के साथ युद्ध अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है और अमेरिकी आर्थिक दबाव के सामने लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। यह ट्रंप का आकलन है, युद्ध समाप्त होने की पुष्टि नहीं।

22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भी ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता अमेरिकी चुनावों के बाद हो सकता है। उन्होंने समझौता न होने की स्थिति में सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी।

क्या ट्रंप चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं?

Reuters की रिपोर्ट में प्रशासन के भीतर चुनाव से पहले संघर्ष को सीमित रखने की रणनीति का उल्लेख है। इसका एक कारण रिपब्लिकन पार्टी को संभावित चुनावी नुकसान से बचाने की चिंता बताया गया है। लेकिन इसे ट्रंप के किसी सार्वजनिक रूप से घोषित सैन्य आदेश या चुनाव परिणाम आने तक हमले पूरी तरह रोकने के फैसले के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

ट्रंप ने 22 सितंबर को कहा कि ईरान के मुद्दे पर निर्णय लेते समय मध्यावधि चुनाव उनके दिमाग में नहीं आते। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के नेता चुनाव के परिणाम देखने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनावी दबाव क्यों बढ़ा?

Reuters/Ipsos के 21 सितंबर को प्रकाशित सर्वेक्षण में ट्रंप की कुल अप्रूवल रेटिंग 32% दर्ज की गई। सर्वेक्षण में 34% उत्तरदाताओं ने ईरान पर हमलों का समर्थन किया। मध्यावधि चुनाव में किस पार्टी को कांग्रेस का नियंत्रण मिलना चाहिए, इस सवाल पर पंजीकृत मतदाताओं में डेमोक्रेट्स को 43% और रिपब्लिकन्स को 35% समर्थन मिला।

यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय स्तर पर मतदाताओं की पसंद का संकेत देता है। इससे चुनाव का नतीजा निश्चित नहीं माना जा सकता, क्योंकि प्रतिनिधि सभा और सीनेट का नियंत्रण अलग-अलग राज्यों और निर्वाचन क्षेत्रों के मुकाबलों पर निर्भर करता है।

चुनाव कब होंगे?

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव 3 नवंबर 2026 को होने हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होगा। चुनाव के परिणाम कांग्रेस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के शक्ति-संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।

क्या एक महीने बाद ईरान पर हमला तय है?

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि अमेरिका ने चुनाव के ठीक एक महीने बाद ईरान पर नया हमला करने का अंतिम फैसला कर लिया है। रिपोर्ट में चुनाव से पहले तनाव सीमित रखने और चुनाव के बाद सैन्य विकल्पों पर विचार की बात है। दूसरी ओर, ट्रंप ने युद्ध के चुनाव के तुरंत बाद समाप्त होने की संभावना भी जताई है।

निष्कर्ष:

अमेरिकी प्रशासन के भीतर ईरान संघर्ष और नवंबर के मध्यावधि चुनावों को लेकर रणनीतिक चर्चा की रिपोर्ट सामने आई है। चुनाव से पहले सैन्य तनाव सीमित रखने की कोशिश और बाद में कार्रवाई बढ़ाने के विकल्प का उल्लेख हुआ है, लेकिन किसी निश्चित तारीख पर नए हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं है। चुनावी सर्वेक्षण रिपब्लिकन पार्टी के सामने दबाव का संकेत देते हैं, न कि चुनाव परिणाम की गारंटी।